भारतीय सेना को मिली पूरी छूट, चीनी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव को लेकर रक्षामंत्री ने तीनों सेनाओं के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में सीडीएस बिपिन रावत भी मौजूद थे। सूत्रों की माने तो इस बैठक में चीन से निपटने के लिए भारतीय सैनिकों को पूरी छूट दे दी गयी है। सूत्रों की माने तो रक्षामंत्री की बैठक के बाद बताया गया है कि सुरक्षाबलों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की सेना के किसी भी प्रकार के आक्रामक रवैए से निपटने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई है।

सूत्रों ने कहा कि सेना को निर्देश दिया गया है कि वह जमीनी स्थिति के अनुसार खुद निर्णय लें। राजनाथ सिंह की यह बैठक उनके रूस दौरे से पहले हुई है। बता दें कि 18 जून को तीनों सेनाओं को प्रमुख और CDS बिपिन रावत के साथ रक्षा मंत्री की बैठक में चीन की हर हरकत पर नजर रखने की बात कही गई थी।

बताया जाता है कि चीन की नौसेना को कड़ा संदेश देने के लिए हिंद महासागर में भी नौसेना ने अपनी तैनाती बढ़ा दी है। बता दें कि 3500 किलोमीटर की चीन सीमा पर भारतीय सेना की कड़ी नजर है। वहीं भारत ने चीन की सीमा पर अपने दो आधुनिक हेलीकॉप्टर- चिनूक और अपाचे को तैनात किया है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वायुसेना ने चंडीगढ़ से चिनूक हेलीकॉप्टर को भेजा है, जबकि पठानकोट से अपाचे हेलिकॉप्टर को एलएसी पर तैनात किया गया है। बता दें कि सीमा पर मिग, हरक्यूलिस, मिराज, सुखोई विमान पहले से ही एलएसी पर तैनात हैं। लिहाजा सेना, नौसेना और वायुसेना को अलर्ट पर रखा गया है।

 

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