चौधरी चरण सिंह की विरासत को आगे बढ़ाएंगे जयंत, पिता अजीत सिंह के बाद बने पार्टी अध्यक्ष

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह के बेटे चौधरी अजीत सिंह के निधन के बाद राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद रिक्त था। आज यानी मंगलवार को पार्टी की कार्यकारिणी ने वर्चुअल मीटिंग में चौधरी अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी को राष्ट्रीय लोकदल का अध्यक्ष चुन लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश खास तौर पर जाटलैंड में खासा प्रभाव रखने वाले रालोद के मुखिया और पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह का विगत 6 मई को कोरोना के चलते दिल्ली में निधन हो गया था। इससे पहले जयंत चौधरी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे।

बता दें कि चौधरी अजित सिंह ने साल 2014 में अपनी परंपरागत लोकसभा सीट बागपत से चुनाव हारने के बाद बेटे जयंत चौधरी को पार्टी का उपाध्यक्ष बना दिया था। लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से पीजी करने वाले जयंत चौधरी अपने पिता अजित सिंह और दादा चौधरी चरण सिंह की विरासत को भी आगे बढ़ाएंगे।

जयंत चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती रालोद के परंपरागत वोट बैंक जाट समुदाय को फिर से अपने पाले में लाना होगा। दरअसल साल 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद से जाट वोट बैंक रालोद से छिटककर बीजेपी के पाले में चला गया। इसका सीधा असर 2014 के लोकसभा चुनाव में देखने को मिला, जहां रालोद का सूपड़ा साफ हो गया। खुद रालोद मुखिया चौधरी अजीत सिंह अपनी परम्परागत बागपत सीट और उनके बेटे जयंत मथुरा से चुनाव हार गए थे।

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हालांकि बीते कई महीनों से जारी किसान आंदोलन के चलते आरएलडी के पक्ष में एक बार फिर से समर्थन जुटने की उम्मीद की जा रही है। इस बीच आरएलडी की ओर से लगातार किसान पंचायतें की गई हैं। मौजूदा समय राष्ट्रीय लोकदल ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया है। पिता के बगैर जयंत चौधरी की 2022 में सबसे बड़ी और पहली सियासी परीक्षा होगी। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी आरएलडी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

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