‘बाबा का ढाबा’ चलाने वाले कांता प्रसाद ने किया आत्महत्या का प्रयास, जानें वजह

नई दिल्ली। समय बहुत बलवान होता है। बीते साल कोरोना काल में एक यूट्यूबर के वीडियो से देश भर में पहचान बनाने वाले ‘बाबा का ढाबा’ के मालिक कांता प्रसाद से बेहतर ये कौन जान सकता है। सिर्फ एक साल में दिल्ली के मालवीय नगर में ‘बाबा का ढाबा’ चलाने वाले बुजुर्ग कांता प्रसाद ने अर्श से फर्श तक का सफर तय कर लिया। अब गुरुवार रात को कांता प्रसाद ने आत्महत्या की कोशिश की है। कांता प्रसाद को इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बीते साल देश दुनिया में वीडियो वायरल होने के बाद बहुत से लोगों ने कांता प्रसाद की मदद की। काफी पैसे मिलने के बाद कांता प्रसाद ने मदद करने वाले यूट्यूबर गौरव वासन को ही भला बुरा कहा। इसके बाद आम लोगों से उनका बर्ताव भी खराब हो गया। मदद के पैसों से कांता प्रसाद ने एक रेस्टोरेंट खोला। हालांकि देखते ही देखते साल भर में उनका रेस्टोरेंट भी बंद हो गया और फिर वो अपने पुराने ‘बाबा का ढाबा’ में पहुंच गए। बीते दिनों जब गौरव वासन को एक बार फिर उनसे मिलने ढाबा पर पहुंचे थो तो गौरव को देखकर बाबा फूट-फूटकर रोने लगे थे। इतना ही ने बाबा ने गौरव के पैर पकड़ लिए और कहा कि गौरव की वजह से ही आज दुनिया उन्हें पहचानती है। इस दौरान बाबा गौरव के सिर पर हाथ रखकर दुआएं भी देते रहे।

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कांता प्रसाद को गुरुवार रात 11:15 सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उन्होंने नींद की गोलियां खा ली थीं और शराब भी पी हुई थी, जिससे वह बेहोश हो गए थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या कांता प्रसाद ने आत्महत्या की कोशिश की है? मामले की जांच चल रही है। कांता प्रसाद के बेटे करण ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया है कि उसके पिता ने शराब और नींद की गोलियां ली हैं। आगे की पूछताछ जारी है।

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