हिमाचल प्रदेश : मंडी में भूस्खलन से पूरा कस्बा ज़मींदोज, दर्जनों वाहन दबे

हिमाचल प्रदेश में मंडी के पास पठानकोट – मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-154 भूस्खलन के चलते दो बस समेत पूरा कस्बा ही ज़मींदोज हो गया.  शनिवार देर रात तक़रीबन 1 बजे कोटरूपी के पास भारी भूस्खलन हुआ जिसमें दो लोगों की मौत होने की भी खबर है और कर्इ लोग गायब हैं. बस में सवार कई यात्रियों की मौत होने का अंदेशा है.

भारी बारिश व अंधेरा होने के कारण प्राशसन ने राहत एवं बचाव कार्य रोक दिया है. मंडी पठानकोट मार्ग पर वाहनों की आवाजाही मंडी में रोक दी गयी है, ताकि एम्बुलेंस मौके के लिए रवाना हो सकें. हादसा रात एक बजे के आसपास हुआ. सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की ओर से तमाम आला अधिकारी मौके की तरफ रवाना हो गये हैं.

दरअसल, हिमाचल के मंडी जिले के पधर उपमंडल की ग्राम पंचायत उरला के कोटरोपी में पहाड़ी दरकने से यह भीषण हादसा हुआ है.भूस्खलन में पूरी पहाड़ी धंसने से पूरा कोटरूपी कस्बा और दो बसें मलबे में समा गये हैं. हादसे में फिलहाल सात यात्रियों के मलबे के अंदर दबे होने की पुष्टि की गयी है, जबकि कई लोग दबे हैं. कोर्टरूपी में दो बसें रात को चाय पानी के लिए रुकी थीं. जैसे ही पहाड़ी धंसी, तो दोनों बसें भूस्खलन की चपेट में आ गयीं. कटड़ा मनाली रूट पर जा रही बस में करीब सात यात्री सवार थे, जिनमें से दो की मौत हुई है. बस में एक बच्ची फंसी हुई है. अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बस में कई यात्री सवार थे, जिनकी मौत हो गयी. भारी बारिश के कारण आये मलबे व पानी से यह बस करीब एक किलोमीटर नीचे बह गयी.

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बताया जा रहा है कि एक चार मंजिला मकान भी ढेर हो गया है. मंडी में अलर्ट जारी कर दिया गया है. लगातार बारिश के चलते हनोगी मंदिर और इसके आस-पास चट्टानें गिर रही हैं. साथ ही NH21 पंडोह से औट तक पहाड़ी स्थानों पर भूस्खलन की संभावनाएं बनी हुई है. अतः सड़क के इस भाग में वाहन खड़े न करें तथा सावधानी से चलें. किसी भी आपातकाल की स्थिति में जिला प्रशासन या स्थानीय पुलिस थाना को तुरंत सूचित करें. आपातकाल सहायता नंबर 1077 है. इसके अलावा उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ में भी भू-स्खलन से 3 लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा  असम के भी 15 जिले और 781 गांव बाढ़ से प्रभावित है. ब्रह्मपुत्र और इसकी सहायक नहरें खतरे के निशान पर हैं.

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