पुडुचेरी में सियासी संकट के बीच उप राज्यपाल किरण बेदी का जाना, जानें सियासी मायने

नई दिल्ली। दो विधायकों के इस्तीफे के बाद केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई है। इस बीच राष्ट्रपति ने उपराज्यपाल किरण बेदी को वापस बुला लिया। कांग्रेस विधाय​क ए जॉन कुमार के इस्तीफे के बाद वी नारायणसामी सरकार और विपक्ष दोनों के पास बराबर विधायक हैं। पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार के अल्पमत में आते ही राष्ट्रपति ने पूर्व आईपीएस किरण बेदी को पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद से हटा दिया। इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन को पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। तमिलिसाई सौंदर्यराजन पुडुचेरी के उपराज्यपाल की नियमित नियुक्ति होने तक इस पद पर रहेंगी। बता दें कि किरण बेदी और सीएम वी नारायणसामी के बीच कई मुद्दों पर टकराव रहा है।

हालांकि​ विपक्ष की मांग के बाद भी सीएम वी नारायणसामी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को विधानसभा में बहुमत प्राप्त है। बता दें कि पुडुचेरी में अगले कुछ ही महीने में विधानसभा का चुनाव है। बता दें कि मंगलवार को कांग्रेस विधायक ए जॉन कुमार ने अपना इस्तीफा दे दिया था। विधायक ए जॉन कुमार मुख्यमंत्री वी नारायणसामी से करीबी माने जाते थे। अब तक कांग्रेस के चार विधायक सदस्यता से त्यागपत्र दे चुके हैं। अब कांग्रेस और भाजपा में एक-दूसरे के विधायकों को तोड़ने की होड़ लगने की संभावना ज्यादा है।

ये है सियासी गणित
पुडुचेरी में साल 2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 15 सीट मिली थी। पार्टी ने डीएमके के तीन और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन से सरकार बनाई थी। पिछले कुछ दिनों में पार्टी के चार विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। जबकि कांग्रेस विधायक एन धनवेलु को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। ऐसे में पार्टी के पास सिर्फ दस विधायक हैं। दूसरी तरफ, अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस के पास सात, एआईडीएमके के पास चार और उपराज्यपाल की तरफ से विधानसभा में नामित भाजपा के तीन विधायक हैं। इस तरह विपक्ष और सरकार दोनों के पास 14-14 विधायक हैं। इस बीच, कांग्रेस से त्यागपत्र देने वाले नमसिवम और थेप्पेनथान भाजपा में शामिल हो चुके हैं। माना जा रहा है कि पिछले दो दिनों में इस्तीफा देने वाले मल्लादी कृष्णा राव और ए जॉनकुमार भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

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