लॉकडाउन: दिल्ली से चले, हरियाणा में मिले, आगरा में प्यार, गोरखपुर में निकाह, ऐसे पहुंचे बिहार

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते देश भर में लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है। ऐसे में घर से दूर फंसे लोग हजारों किलोमीटर का सफर पैदल तय कर रहे हैं। पैदल सफर में लोगों को जिंदगी के नए अनुभव हो रहे हैं। वहीं इस सफर में कुछ हैरान करने वाली कहानियां भी सामने आ रही हैं।

एक वेबसाइड के मुताबिक दिल्ली के ओखला में रहने वाला सलमान एक दुकान पर उर्दू टाइपिंग करता है। लॉकडाउन के दौरान सलमान और उसके परिवार को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा। थकहार कर 18 मई को पूरा परिवार किराए का घर छोड़कर बिहार के लिए निकल पड़ा।

हरियाणा में पलवल और बल्लबगढ़ के बीच एक जगह पर सलमान और पूरा परिवार आराम करने लगा। तभी सलमान के पिता के एक दोस्त मिले। उनका परिवार भी बिहार जा रहा था। उनके साथ 12वीं पास शहनाज भी थी। पलवल से दोनों परिवार साथ में होकर ही सफर करने लगे। कहीं भी साथ में ही रूकते, खाना-खाते और आराम करते। इस दौरान सलमान और शहनाज में प्यार पनपने लगा।

मथुरा के बाद से बदलकर वो सभी यमुना एक्सप्रेस वे पर आ गए। और फिर सीधे चलते हुए आगरा जाकर रुके थे। वहां, शहनाज ने सलमान से पूछा कि ये कौन सा शहर है। सलमान ने जवाब देते हुए कहा कि ताजमहल का शहर। सलमान ने बताया तब तक उन दोनों के बीच कुछ खास बातचीत नहीं हुई थी। उसके बाद शहनाज ने कहा कि क्या आप भी मुझे ताजमहल दिखाएंगे। इस पर सलमान को एहसास हुआ कि दोनों एक जैसा ही सोच रहे हैं।

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वहीं कानपुर पहुंचने से पहले ही दोनों के पिता के बीच बातचीत लगभग-लगभग बंद हो चुकी थी। कानपुर पहुंच कर शहनाज के पिता ने कहा कि मैं सब देख रहा हूं, पहल तुम्हारे लड़के की ओर से बढ़ी है। यहीं बात सलमान के पिता ने भी शहनाज के पिता को बोली। लेकिन उस दौरान सलमान खामोश रहा। कानपुर के बाद से दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं बढ़ती चली गई।

जब ये गोरखपुर पहुंचे तो सलमान और शहनाज के बीच थोड़ी बातचीत हुई। तो उन्होंने तय किया कि वो बिहार नहीं जाएंगे। अगले दिन सलमान के पिता ने कहा कि अब साथ में नहीं चलेंगे। लेकिन सलमान ने ऐसा करने से मना कर दिया और कहा कि साथ चले से क्या फर्क पड़ता है। इस पर जब पिता ने डांटा तो सलमान ने कहा कि शहनाज को लेकर ही जाऊंगा। सलमान ने कहा कि जब तक निकाह नहीं होगा तब तक मैं सीतामढ़ी नहीं जाऊंगा। यह बात शहनाज के पिता ने सुन ली तो उन्होंने पहले चलने की बात की तो उधर शहनाज ने जाने से मना कर दिया।

सलमान और शहनाज की बात सुन घर वाले गुस्से में भर गए। गांव वालों ने भी उनकी बात सुन उनकी शादी के लिए हामी भर दी। देर शाम तक दोनों परिवार भी शादी के लिए तैयार हो गए। रात आठ बजे गांव वाले एक हाफिज को बुला लिया। और दोनों का निकाह हो गया। गांव वाले निकाह में शामिल हुए। दूसरे दिन गांव वालों ने सलमान और शहनाज दोनों को कुछ कपड़े और पैसे भी दिए और कहा कि ये हमारे गांव की बेटी है। शहनाज को कई लोगों ने अपना नंबर देकर बोला कि घर पहुंचने के बाद दोनों परिवार में से कोई भी निकाह को मानने से इंकार करे तो हमें फोन कर देना।

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