महाराष्ट्र कोर्ट से फटकार और चेतावनी के बावजूद भी राज्यभर के डॉक्टरों की ‘सामूहिक छुट्टी’ जारी

हाईकोर्ट से पड़ी फटकार और चेतावनी मिलने के बावजूद महाराष्ट्र में डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश से लौटने से इंकार कर दिया है. डॉक्टरों पर हो रहे हमलों के खिलाफ राज्यभर के रेज़िडेंट डॉक्टर दो दिन से सामूहिक अवकाश पर हैं, और उनकी छुट्टी के दूसरे दिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें काम पर लौटने का आदेश दिया, लेकिन डॉक्टरों ने सामूहिक छुट्टी वापस लेने से इंकार कर दिया है.

डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डॉक्टरों को साफ चेतावनी भी दी, और कहा कि उनका काम पर न लौटना कोर्ट की अवमानना माना जाएगा, और याचिकाकर्ता के वकील माने के मुताबिक कोर्ट ने यह भी कहा है कि डॉक्टरों को टर्मिनेट करने का अधिकार भी राज्य के पास है.

डॉक्टरों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार अस्पतालों में सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम नहीं कर देती, उनकी सामूहिक छुट्टी जारी रहेगी. इस दौरान सरकारी अस्पतालों की एमरजेंसी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है.

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डॉक्टरों ने अपनी सफाई में कहा है कि यह हड़ताल नहीं, डॉक्टरों का अपना फैसला है, और जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं कर दी जातीं, हम छुट्टी पर ही रहेंगे. उधर, कोर्ट-सरकार-अदालत के बीच जारी इस विवाद में फंसे मरीज़ों की हालत जस की तस बनी रही. मरीज़ और उनके रिश्तेदार पिछले दो दिन से परेशान घूम रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है.

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