मोदी सरकार के भीम ऐप के ज़रिए हो रही है लाखों की ठगी

एटीएम की डीटेल्स चुराकर और झांसे से पिन हासिल करके देश में हर दिन लाखों की ठगी हो रही है। शहर में रहने वालों ने इस ठगी से बचने के लिए ख़ुद को एजुकेट कर लिया लेकिन गांवों में लोग एटीएम कार्ड से डरने लगे। ठगी के नाते गांव और कस्बों में यह अफ़वाह फैल गई कि एटीएम रखने पर अकाउंट से रुपए ग़ायब हो जाते हैं। लिहाज़ा, कइयों ने एटीएम रखना छोड़ दिया।

फिर रातोंरात हमारे सामने कई इंटरफेस आ गए जिनपर निजी वित्तीय जानकारी अपडेट करने के बाद डिजिटल ट्रांज़ैक्शन का आसान दरवाज़ा खुल जाता है। करोड़ों कंज़्यूमर्स ने ऐसा ही किया। उन्होंने अपनी वित्तीय जानकारियां इन इंटरफेस पर डाल दीं।

साइबर ठगों के आतंक से देश के करोड़ों बैंक कंज़्यूमर्स अभी जूझ ही रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी का एलान कर दिया। अचानक हुई घोषणा से हैरान लोग जब भटकने लगे तो मोदीजी ने कैशलेस ट्रांज़ैक्शन का आसान विकल्प पेश कर दिया।

करोड़ों कंज़्यूमर्स के रजिस्ट्रेशन के बावजूद मोदीजी को लगा कि अभी भी वो टारगेट से बहुत दूर हैं। लिहाज़ा, डिजिटल क्रांति को रफ़्तार देने के लिए 30 दिसंबर को उन्होंने भीम ऐप लॉन्च कर दिया।

इस ऐप को लॉन्च करने के बाद डाउनलोडिंग के लिए लिए मोदीजी ने देशवासियों से अपील की थी। फिर अप्रैल में नीति आयोग ने बताया कि 2 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने भीम ऐप डाउनलोड कर लिया है।

भीम ऐप के ज़रिए डिजिटल ट्रांज़ैक्शन करना बाक़ी इंटरफेस के मुक़ाबले ज़्यादा आसान है। मोबाइल नंबर अपडेट करने पर भीम ऐप आपके बैंक अकाउंट की डीटेल्स अपने आप ले लेता है। फिर किसी के अकाउंट में रुपए ट्रांसफर करने के लिए सिर्फ उसके मोबाइल नंबर की ज़रूरत होती है।

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अब यहां से शुरू होता है सिम स्वैपिंग करके साइबर ठगी का धंधा। ठग सबसे पहले आपकी पर्सनल जानकारी जुटाते हैं। फिर आपका मोबाइल नंबर बंद करवाते हैं। फिर पर्सनल जानकारी कस्टमर केयर को देकर नया नंबर एक्टिवेट करवाते हैं। फिर भीम ऐप में आपका नंबर डालकर आपके बैंक अकाउंट तक पहुंचते हैं। फिर जितना पैसा जहां चाहते हैं, वहां ट्रांसफर कर लेते हैं।

ग़ाज़ियाबाद पुलिस इतनी स्मार्ट नहीं है कि भीम ऐप से ठगी करने वालों तक पहुंच पाए। जसबीर सिंह जी डीएम से लेकर एसपी तक के ऑफिस में धक्के खा रहे हैं। वो बेचारे सरकारी मुलाज़िम भी हैं।

वैशाली में रहने वाले एक सरदारजी जसबीर सिंह के अकाउंट से इसी तरह साढ़े चार लाख रुपए उड़ा लिए गए। ठगों से चार लाख रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए और 50 हज़ार की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली।

ख़बर के मुताबिक ग़ाज़ियाबाद पुलिस को अभी तक इस तरह की ठगी के 30 मामले मिल चुके हैं। मेरा अपना तजुर्बा कहता है कि यह आंकड़ा बेहद मामूली है। भीम ऐप या इस तरह के डिजिटल इंटरफेस पर जाने वालों का माल साइबर ठग हर दिन उड़ा रहे हैं।

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