मोदी सरकार भारत बांड ईटीएफ के जरिए जुटाएगी 10000 करोड़ तक रुपये, जानें नई पाॅलिसी

नई दिल्ली। सरकार अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत बांड ईटीएफ की तीसरी खेप जारी करने की योजना बनाने के साथ ही इसके जरिए खुदरा निवेशकों से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी भी कर रही है। इस धनराशि का इस्तेमाल सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की वृद्धि योजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा। भारत बांड ईटीएफ शेयर बाजार में सूचीबद्ध एक फंड है,जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की ऋण योजनाओं में निवेश किया जाता है। ईटीएफ इस समय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के सिर्फ aaa रेटिंग वाले बांड में निवेश करता है।

वित्त वर्ष 2021.22 की अप्रैल.जून तिमाही के दौरान बाजार में 10,000-15,000 करोड़ रुपये की तीसरी खेप आने की उम्मीद है।भारत बांड ईटीएफ की दूसरी किस्त को जुलाई में पेश किया गया था और इसे तीन गुना से अधिक का अभिदान मिला था। इसके जरिये 11,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। दिसंबर 2019 में इसकी पहली किस्त के तहत 12,400 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई थी।

बांड ईटीएफ के जरिये जुटाए गए कोष से इसमें भाग लेने वाले सीपीएसई या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्ज लेने की योजना सुगमता से पूरी होती है। इससे उन्हें अपने पूंजीगत खर्च को भी पूरा करने में मदद मिलती है। भारत बांड ईटीएफ ने अपनी दूसरी किस्त के तहत पांच साल और 12 साल की परिपक्वता का विकल्प दिया था। पहली किस्त में परिपक्वता का विकल्प तीन और 10 साल था।

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