मोहन भागवत ने कहा की गौ हत्या के नाम पर हिंसा न हो इसलिए पूरे देश में कानून बने

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली के कार्यक्रम में एक बार फिर से गाय पर बयान देकर सुखियों में बन गये है. गौरतलब है कि गो वध के खिलाफ देशभर में एक कानून बनाने की आज पुरजोर वकालत की और निगरानी समूहों से पशुओं की रक्षा करते समय कानून का पालन करने के लिए कहा। भागवत ने यहां भगवान महावीर की जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, हम देशभर में गो वध पर रोक लगाने वाला कानून चाहते हैं। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि कानून का पालन करते हुये गाय की रक्षा करने का काम जारी रहना चाहिये।

रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के मेवात के नूह तहसील का रहने वाला पहलू खान पिछले शुक्रवार (31 मार्च) को एक भैंस खरीदने अपने गांव जयसिंहपुर से जयपुर गया था। लेकिन जयपुर में उसने गाय खरीदी थी। जयपुर से वापस लौटते समय अलवर के बहरोर में उसे कुछ कथित गौरक्षकों गायों की तस्करी का आरोप लगाते हुए बेदर्दी से पीटा था। बाद में इलाज के दौरान पहलू खान की सोमवार को मौत हो गई थी। एक वीडियो भी सामने आया था। उसमें लोगों को पिटाई करते दिखाया गाया था। पुलिस ने बताया था कि हमला करने वाले लोग विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल से जुड़े हुए थे।

उन्होंने कहा, गो वध के नाम पर कोई भी हिंसा उद्देश्य को बदनाम करती है और कानून का पालन करना ही चाहिये। राजस्‍थान के अलवर में कथित तौर पर गौ-तस्‍करी के शक में गौ-रक्षकों द्वारा एक व्‍यक्ति को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने के बाद यह मुद्दा गर्म है। संसद से लेकर सड़क तक, इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सत्‍ताधारी भाजपा की नाक में दम कर दिया है। लोगों का आरोप है कि ये दोहरा मापदंड अब ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकता है।

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पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि एंटी रोमियो दस्ता हो, लव जिहाद हो, गोरक्षकों के गैरकानूनी काम हो या बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई हो, इन सब बातों से एक बात साफ है कि बीजेपी की सरकार पूरे देश पर जबरदस्ती अपनी विचारधारा थोपने के काम को बहुत तेजी से कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी का असली एजेंडा अब खुलकर देश के सामने आ रहा है।

पायलट ने कहा, अलवर में पीट-पीटकर की गई हत्या के बारे में खेद या सहानुभूति का एक शब्द भी प्रकट नहीं किया गया. मुख्यमंत्री को तथाकथित गोरक्षकों एवं उनकी हिंसा के विरूद्ध बोलना चाहिए। क्या वह बोलेंगी?

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