BJP विधायक ने की अजीब मांग, ‘गाय न पालने वाले हर गरीब परिवार का बीपीएल कार्ड हो रद्द’

मध्य प्रदेश की सड़कों में  घूमने वाली आवारा गायों को लेकर हुई बैठक में बीजेपी के एक विधायक ने बीपीएल कार्ड धारकों को लेकर चौंका देने वाला बयान दिया है। विधायक ने  एक नया कानून लाने की बात कहते हुए कहा कि आवारा घूमती गायों की समस्या से निपटने के लिए हर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार अपने पास गाय नहीं रख सकते तो उनका बीपीएल कार्ड बंद कर देना चाहिए।

विधायक दिव्यराज सिंह ने सुझाव दिया कि गायों को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए टैग किया जाना चाहिए और मालिकों के बिना गायों को जंगली जानवरों का दर्जा दिया जाना चाहिए और राष्ट्रीय उद्यानों या वन भूमि में बाड़े में रखा जाना चाहिए।

एक गैर-सरकारी संकल्प पर चर्चा करते हुए भाजपा विधायक मुरलीधर पाटीदार ने  स्वीकार किया कि आवारा गाय खेती के साथ-साथ किसानों के लिए भी खतरा साबित हो रही हैं। पाटीदार जिनके  निर्वाचन क्षेत्र में देश का पहला गाय अभ्यारण्य है, ने कहा कि  गायों की कीमत कम होने का  मुख्य कारण एक ही है कि लोगों को गाय पालने में कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसलिए विधायक ने गायों के संरक्षण पर जोर देते हुए बीपीएल परिवारों को मजबूरन गाय रखने का सुझाव दिया है।

Gyan Dairy

भाजपा के वरिष्ठ विधायक शंकरलाल तिवारी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और बाद में पशुपालन मंत्री द्वारा स्थायी समाधान का वादा किए जाने के बाद इसे वापस ले लिया। वरिष्ठ भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला ने कहा कि चारा और चरने वाले जमीन की कमी के कारण मवेशी पालन करना बहुत मुश्किल हो रहा है।

बता दें कि हजारों गायों के हिंगोनिया गौशाला में मरने के बाद किरकिरी झेल रही वसुंधरा सरकार  आपदा राहत फंड के पैसे से राज्य में प्रति गाय के हिसाब से रोजाना 70 रुपए और बछड़े को 35 रुपए खाने के लिए देगी। फिलहाल राज्य के 2319 गौशालाओं में 6,71,452 गायें हैं। सरकार के इस घोषणा के बाद गोशालाओं में गायों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मसलन, हिंगोनिया गौशाला को हीं लें। पहले वहां करीब 9,000 गायें थी लेकिन जब से 70 रुपए और 35 रुपए गाय-बछड़े के लिए मिलना शुरु हुआ है. वहां गायों की संख्या 13 हजार से ज्यादा हो गई है।

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