काशी में मुस्लिम महिलाओं बना रही है पीएम मोदी के लिए स्वदेशी राखियां

वाराणसी। कोरोना संकट को लेकर पिछले कुछ महीनो से देश में दहशत का माहौल बन चुका है. लेकिन त्योहारों की वजह से लोगों में थोड़ी उत्सुकता बनी रहती है, इसी बहाने लोगों को खुशियां भी मिल जाती है. कुछ दिनो बाद ही रक्षाबंधन का त्योहार है, राखी का त्योहार वैसे तो भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है, लेकिन रक्षा सूत्र का सम्बन्ध बहनों के साथ-साथ देश की रक्षा से भी है. इसी कड़ी में वाराणसी की मुस्लिम महिलाओं ने अपने सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए विशेष राखी तैयार की है. मुस्लिम महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए राखी बनाने की तैयारी में जुट गयी हैं. जिसे तैयार होने के बाद पीएम मोदी को भेजा जाएगा. खास बात ये है कि ये राखी पूरी तरह से स्वदेशी होती है जिसे खुद ये मुस्लिम महिलाएं तैयार करती हैं.

2014 से ही जब पीएम मोदी वाराणसी से सांसद बनकर प्रधानमंत्री बने, तभी से काशी की मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी के नेतृत्व में मोदी को राखी बनाकर भेज रही हैं. इंद्रश नगर (लमही) के सुभाष भवन में मुस्लिम महिला फाउंडेशन एवं विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मुस्लिम महिलाओं ने गीतों के साथ मोदी, ट्रंप और इंद्रश राखी बनाया. मुस्लिम महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर ढोल की थाप के साथ स्वरचित गीत गाकर राखी बनाना शुरू किया. सितारा, टिक्की, गत्ता, लेस और मोदी की तस्वीर का प्रयोग कर मोदी राखी बनाया जा रहा है.

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इस बार के राखी पर ये मुस्लिम महिलाएं भाई नरेंद्र मोदी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी राखियां तैयार कर रही है. मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है कि जिस तरह से चीन के मुद्दे पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत का साथ दिया हैं उससे हम काफी खुश हैं. चीन की धोखेबाजी और विस्तारवादी नीति से नाराज मुस्लिम महिलाओं ने न सिर्फ चीनी राखी के बहिष्कार की घोषणा की. उन्होंने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी ये राखियां डाक द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया जाएगा. इस बार राखी के मौके पर महिलाओं से अनुरोध भी किया कि अपने भाई के कलाई में इस बार स्वदेशी राखियां ही बांधें,जिससे चीन को आर्थिक चोट पहुंचाया जा सके.

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