सीनाजोरी पर उतरा नेपाल, कहा- कालापानी हमारा है, बेरोकटोक जाएंगे नागरिक

नई दिल्ली। चीन की शह पर पड़ोसी देश नेपाल भारत के साथ जबरदस्ती पर आमादा हो गया है। कालापानी और लिपुलेख पर नेपाल सीनाजोरी पर उतर आया है। भारत के लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को अपने नक्शे में शामिल करने के बाद नेपाल ने इन क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ को रोकने से साफ इंकार कर दिया है।

दरअसल, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में धारचूला के उप-जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने नेपाल प्रशासन को एक पत्र लिखकर नागरिकों की घुसपैठ रोकने को कहा था। एसडीएत ने कहा था कि अवैध तरीके से सीमा पार करने से दोनों देशों के प्रशासन के लिए समस्याएं पैदा होगी।

भारतीय अधिकारी के पत्र के जवाब में नेपाली पक्ष ने कहा है कि सिगौली संधि के मुताबिक लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी नेपाली क्षेत्र है, इसलिए लोगों का वहां आना-जाना स्वभाविक है। नेपाल ने उल्टे भारत से कहा है कि इन इलाकों में नेपाली नागरिकों की आवाजाही में बाधा ना डाली जाए।

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धारचुला जिले के सीडीओ शरद कुमार पोखरियाल ने कहा कि सुगौली संधि, नक्शा, ऐतिहासिक साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी भारतीय इलाके हैं।

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