पेगासस जासूसी केस में नया दावा, बीएसएफ के डीजी, ईडी और रॉ अफसरों के फोन भी हुए टेप

नई दिल्ली। पेगासस जासूसी केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब दावा किया जा रहा है कि बीएसएफ के पूर्व महानिदेशक केके शर्मा, प्रवर्तन निदेशालय के वरिष्ठ अफसर राजेश्वर सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व सहयोगी एके जैन की भी जासूसी कराई गई है। एक न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक इन लोगों के अलावा रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ के एक पूर्व अफसर और पीएमओ के एक अधिकारी और सेना के दो कर्नलों को भी जासूसी कराई गई।

दावा किया गया कि पेगासस स्पाईवेयर के जरिए सर्विलांस के लिए कुल 50,000 फोन नंबरों का डेटा बेस तैयार किया गया था। इस डेटाबेस के बारे में सबसे पहले फ्रांस के नॉन प्रॉफिट फॉरबिडन स्टोरीज को मिला था। उसने ही भारत समेत 10 देशों के मीडिया संस्थानों के कंसोर्टियम को यह जानकारी साझा की थी। इस लिस्ट में शामिल नंबरों का इस्तेमाल करने वाले 67 डिवाइसेज का एमनेस्टी इंटरनेशनल की ओर से विश्लेषण किया गया है। इनमें से 37 के पेगासस की ओर से हैक किए जाने की बात कही गई है। इन 37 नंबरों में से 10 भारत के बताए जा रहे हैं।

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बीएसएफ के डीजी केके शर्मा का नाम संभावित टारगेट की लिस्ट में शामिल किया गया था। 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी के बीएसएफ के डीजी बनने के एक महीने बाद ही उन्हें इस लिस्ट में शामिल किया गया था। इसके अलावा लखनऊ में तैनात ईडी के जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह का नाम भी इस लिस्ट में था। उन्हें 2017 से 2019 के दौरान जासूसी के लिए शामिल किया गया था। राजेश्वर सिंह ने 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की भूमिका की भी जांच की थी।

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