पेगासस जासूसी केस: अनिल अंबानी, दलाई लामा के सहायक और CBI के पूर्व डायरेक्टर आलोक वर्मा के फोन भी हुए टेप

नई दिल्ली। पेगासस जासूसी मामले को लेकर सड़क से लेकर संसद तक बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। अब इस मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी और सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर आलोक वर्मा के फोन टैप किए जाने की बात कही जा रही है। दावा किया जा रहा है कि अनिल अंबानी और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के एक अधिकारी द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नम्बर जासूसी की लिस्ट में शामिल हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अनिल अंबानी और कंपनी के अन्य अधिकारी जिनके फोन नंबर सूची में शामिल हैं, उनमें कॉरपोरेट संचार प्रमुख टोनी जेसुदासन व उनकी पत्नी भी शामिल हैं। इसके साथ ही तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के सलाहकारों और नगालिम राष्ट्रीय समाजवादी परिषद के कई नेताओं के नाम शामिल हैं। दुबई की राजकुमारी शेख लतीफा के कई करीबियों की जासूसी की भी संभावना जताई गई है।

दलाई लामा के सलाहकारों में तेम्पा सेरिंग भी हैं। वे लंबे समय तक दिल्ली में दलाई लामा के दूत के तौर पर रहे हैं। इनके अलावा तेनजिन ताख्ला, चिमेय रिग्जेन और सेमढोंग रिनपोचे का भी नाम है। एक अन्य रिपोर्ट में एनएससीएन नेता आईसेक म्युवाह, एटेम वाशुम, अपम म्युवाह, एंथोनी शिमरे और फुनथिंग शिमरांग का भी नाम था। वहीं नगा राष्ट्रीय राजनीतिक समूहों (एनएनपीजी) के संयोजक एन किटोवी झिमोमी का भी नाम है।

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इस्राइल कंपनी एनएसओ के पेगासस सॉफ्टवेयर से भारत में कथित रूप से पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनीतिक असंतुष्टों समेत 300 से ज्यादा हस्तियों के फोन हैक किए गए हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा के मंत्रियों अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद सिंह पटेल, पूर्व निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के फोन नंबरों को इस्राइल स्पाइवेयर के जरिए हैकिंग के लिए सूचीबद्ध किया गया था।

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