खुशखबरी : इस दिन से 30 रुपए प्रति लीटर की दर से मिलेगा पेट्रोल

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अभूतपूर्व गिरावट से उपभोक्ताओं के अच्छे दिन नहीं आए, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के खजाने में करोड़ों रुपए की बरसात हो रही है। जून 2014 में 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच चुका ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 27.10 डॉलर प्रति बैरल तक उतर चुका है जो लगभग 13 साल का इसका निचला स्तर है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल में गिरावट के कारण भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की कीमत गुरुवार को 1633.4 रुपए प्रति बैरल (24.03 डॉलर प्रति बैरल) पर आ गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अभूतपूर्व गिरावट से उपभोक्ताओं के अच्छे दिन नहीं आए, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के खजाने में करोड़ों रुपए की बरसात हो रही है। जून 2014 में 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच चुका ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 27.10 डॉलर प्रति बैरल तक उतर चुका है जो लगभग 13 साल का इसका निचला स्तर है। चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा उपभोक्तओं को न देकर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर अपना वित्तीय घाटा लक्ष्य के भीतर रखने के प्रयास में है। वर्ष 2015-16 में सरकार चार बार उत्पाद शुल्क बढ़ा चुकी है|

चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा उपभोक्तओं को न देकर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर अपना वित्तीय घाटा लक्ष्य के भीतर रखने के प्रयास में है। वर्ष 2015-16 में सरकार चार बार उत्पाद शुल्क बढ़ा चुकी है और इससे चालू वित्त वर्ष में उसके खजाने में 13800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व आने का अनुमान है।

पिछले साल 07 नवंबर को पेट्रोल पर 1.60 रुपए और डीजल पर 30 पैसे प्रति लीटर उत्पाद शुल्क बढ़ाने से सरकार को 3200 करोड़ रुपए, 17 दिसंबर 2015 को पेट्रोल पर 30 पैसे और डीजल पर 1.17 रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क बढ़ाने से 2500 करोड़ रुपए, 02 जनवरी 2016 को पेट्रोल पर 37 पैसे और डीजल पर दो रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क बढ़ाने से 4400 करोड़ रुपए और 15 जनवरी को उत्पाद शुल्क में क्रमश: 75 पैसे और दो रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी से 3700 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इस प्रकार उसे कुल 13800 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्ति की उम्मीद है।

Gyan Dairy

और इससे चालू वित्त वर्ष में उसके खजाने में 13800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व आने का अनुमान है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल में गिरावट के कारण भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की कीमत गुरुवार को 1633.4 रुपए प्रति बैरल (24.03 डॉलर प्रति बैरल) पर आ गया। सरकार का कहना है कि उसके एक कदम के बाद पट्रोल के दाम 30 से 35 रुपये प्रति लीटर तक रह जाएंगे। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार भूसे से पेट्रोल बनाने की तैयारी कर रही है। इससे जहां पेट्रोल सस्ता होगा वहीं दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।

विदेशी बाजारों में कच्चे तेल के दाम में जारी गिरावट से पिछले साल दिसंबर में सरकार के क्रूड ऑयल आयात बिल में 330.67 करोड़ डॉलर (33.1 फीसदी) की कमी दर्ज की गई और यह दिसंबर 2014 के 96.34 करोड़ डॉलर से घटकर 665.67 करोड़ डॉलर रह गया। इसी तरह चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर के दौरान कच्चे तेल का आयात बिल वित्त वर्ष 2014-15 की समान अवधि के 11655.95 करोड़ डॉलर के मुकाबले 4849.14 करोड़ डॉलर (41.60 फीसदी) कम होकर 6806.82 करोड़ डॉलर पर आ गया है।

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