पीएम मोदी बने सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष, ट्रस्टियों में अमित शाह भी हुए शामिल

नई दिल्ली: पीएम मोदी को ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर न्यास का नया अध्यक्ष बनाया गया है। बता दें कि मोरारजी देसाई के बाद पीए मोदी सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष बनने वाले दूसरे पीएम बन गये हैं। केशुभाई पटेल के निधन के बाद से ये पद खाली था। अध्यक्ष पद के लिए प्रधानमंत्री मोदी का चयन सर्वसम्मति से किया गया। सोमवार को सोमनाथ मंदिर न्यास की हुई बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया। इस दौरान ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने पूर्व चेयरमैन केशुभाई पटेल को श्रद्धांजलि दिया और फिर सर्वसम्मति प्रधानमंत्री मोदी को सर्वसम्मति से ट्रस्ट का नया चेयरमैन चुना।

पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के बाद मोदी दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्हें इस मंदिर न्यास का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। न्यास के रिकॉर्ड के अनुसार मोदी न्यास के आठवें अध्यक्ष बने हैं। न्यास के अन्य सदस्यों में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गुजरात के विद्वान जे डी परमार और व्यापारी हर्षवर्द्धन नेवतिया हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जिम्मेदारी संभालते हुए सोमनाथ ट्रस्ट टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के आधारभूत संसाधनों सहित श्रद्धालुओं की सुविधाओं का तेजी से विकास होगा। मीटिंग के दौरान ट्रस्ट की गतिविधियों की समीक्षा हुई। इस ट्रस्ट के पूर्व में कई प्रमुख हस्तियां चेयरमैन रह चुकी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई, कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी भी ट्रस्ट के चेयरमैन रह चुके हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बनने पर हृदयपूर्वक बधाई देता हूं। सोमनाथ तीर्थ क्षेत्र के विकास के प्रति मोदी जी का समर्पण अद्भुत रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में ट्रस्ट, सोमनाथ मंदिर की गरिमा व भव्यता को और बढ़ाएगा।’

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आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में न्यास के निवर्तमान अध्यक्ष गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल के निधन के बाद सोमनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष का पद रिक्त था। पटेल 16 सालों तक (2004-2020) इस न्यास के अध्यक्ष रहे थे। न्यास के रिकॉर्ड के अनुसार देसाई ने 1967 से 1995 तक न्यास के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवा दी थी।

 

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