AMU के शताब्दी वर्ष समारोह में पीएम मोदी ने लिया पहली बार हिस्सा, जाने क्या कहा

नई दिल्ली: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी इस बार अपना शताब्दी वर्ष समारोह मना रहा है। पहली बार पीएम मोदी ने यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने विशेष डाक टिकट का भी विमोचन किया। इसके बाद पीएम ने एएमयू को संबोधित भी किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से तालीम लेकर निकले लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों के साथ ही दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हैं। एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि एएमयू के तमाम विभागों की बिल्डिंग को सजाया गया है। ये बिल्डिंग ही नहीं, इनसे शिक्षा का इतिहास जुड़ा है। यह भारत की अमूल्य धरोहर है। यहां से तालीम लेकर निकले तमाम लोग दुनिया के सैंकड़ों देशों में छाए हुए हैं। विदेश यात्रा में मिलते हैं।

कोरोना संक्रमण के समय एएमयू ने जो मदद की, वह अमूल्य है। अभी कुछ दिन पहले चांसलर की एक चिठ्ठी मिली है। उन्होंने वैक्सीन में हर मदद का भरोसा दिया है। एएमयू में एक मिनी भारत नजर आया है। यहां एक ओर उर्दू तो दूसरी ओर हिंदी पढ़ाई जाती है। फारसी है तो संस्कृत भी है। कुरान के साथ गीता भी पढ़ाई जाती है। यही देश की ताकत है। इसे कमजोर नहीं होने देंगे।

 

प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी बातें

1- एएमयू से तालीम लेकर निकले लोग आज भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों के साथ ही दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हैं। एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

2- बीते 100 सालों में एएमयू ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है। उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहां जो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है।

3- अनेक विभाग, दर्जनों हॉस्टल, हजारों टीचर-छात्रों के बीच एक मिनी इंडिया नजर आता है। यहां एक तरफ उर्दू पढ़ाई जाती है, तो हिंदी भी। अरबी पढ़ाई जाती है तो संस्कृति की शिक्षा भी दी जाती है।

4- पहले मुस्लिम बेटियों को स्कूल ड्रॉपआउट रेट 70 फीसदी से ज्यादा था वो अब घटकर करीब-करीब 30 फीसदी रह गया है। पहले लाखों मुस्लिम बेटियां शौचायल की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ देती थीं, अब हालात बदल रहे हैं।

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5- नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 21वीं सदी में भारत के छात्र-छात्राओं की जरूरतों को सबसे ज्यादा ध्यान में रखा गया है। हमारे देश के युवा नेशन फस्ट के आह्वान के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

6- आज देश जो योजनाएं बना रहा है वो बिना किसी मत मजहब के भेद के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं। बिना भेदभाव, 40 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खुले। बिना भेदभाव, 2 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पक्के घर दिए गए। बिना भेदभाव 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस मिला।

7- कोरोना काल मे एएमयू दवारा समाज की मदद प्रेरणा दायक। एएमयू देश की शक्ति, न भूलना, न कमजोर होने देना।

8- आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। जिस सदी को भारत की बताया जा रहा है, उस लक्ष्य की तरफ भारत कैसे आगे बढ़ता है, इसे लेकर सब उत्सुक हैं। इसलिए हम सबका एकनिष्ठ लक्ष्य ये होना चाहिए कि भारत को आत्मनिर्भर कैसे बनाएं।

9- वोकल फॉर लोकल के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। इसे लेकर अगर मुझे एएमयू से सुझाव मिलें. एएमयू के पूर्व छात्रों के सुझाव मिलें तो मुझे बहुत खुशी होगी।

10- समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, यह स्वाभाविक भी है। लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो। तब सभी मतभेद किनारे रख देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब इस सोच के साथ आप सभी युवा साथी आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं जिसे हम हासिल ना कर लें।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जनसंपर्क अधिकारी उमर पीरजादा ने संतोष जताया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम से विश्वविद्यालय को नया आयाम मिला है और एएमयू के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। इस कार्यक्रम का लिंक दुनिया भर में लोगों को भेजा गया। जिसके जरिए दुनियाभर छात्र और शिक्षक इससे जुड़ें। साथ ही उन्होंने कहा कि अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बारे में बाहर जो भ्रांति है उसे प्रधानमंत्री ने आज दूर कर दिया।

आपको बता दें 56 साल बाद यह पहला मौका है जब किसी प्रधानमंत्री ने AMU के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पिछली बार 1964 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। AMU का 100 साल पूरे होने पर यह विशेष कार्यक्रम हुआ, जिसे पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। यह कार्यक्रम सोशल मीडिया और एएमयू के आधिकारिक चैनलों पर लाइव दिखाया गया। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सैयदना मुफदालल सैफुद्दीन, एएमयू के कुलपति भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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