भारत चीन के बीच सीमा पर तनाव को लेकर PM मोदी की सर्वदलीय बैठक जारी

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन की सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद बने हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में पांच से अधिक सांसदों वाली पार्टी को आमंत्रित किया गया। आपको बता दें कि पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में भारत की 20 सैनिक शहीद हो गए थे। इसके बाद चीन को लेकर पूरे देश में आक्रोश का माहौल है।

पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी (आप) को नहीं बुलाए जाने पर AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नाराजगी जताई है। संजय सिंह ने कहा कि ऐसे समय में एकजुट रहते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है।

बैठक के लाइव अपडेट्स:

>> टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा, ‘सेना मुस्तैदी के साथ गलवान खड़ी है।’

>> पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्दर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि सीमा के हालात के बार में सरकार विपक्ष को समय-समय पर जानकारी दे। देश की अखंडता के लिए हम सरकार के साथ हैं।

>> इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी दलों के नेताओं को लद्दाख में सेना की तैनाती और अन्य जानकारी दी।

>> बैठक की शुरुआत एलएसी पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देकर की।

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>> इस बैठक में एनसीपी से शरद पवार, जेडीयू से नीतीश कुमार, लोजपा से चिराग पासवान के अलावा उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी सहित कुल 17 पार्टियों के नेता शिरकत कर रहे हैं। सभी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े हैं।

बैठक में नहीं बुलाने पर RJD ने जताई आपत्ति
भारत-चीन विवाद को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को नहीं बुलाए जाने पर बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी पार्टी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी है। 5 सांसद हैं। लेकिन हमें आमंत्रित नहीं किया गया। राजनाथ सिंह को स्पष्ट करना चाहिए कि आरजेडी को क्यों आमंत्रित नहीं किया गया।

1967 के बाद पहली बार PLA के साथ झड़प में भारतीय सैनिक की मौत
सोमवार (15 जून) को हुआ संघर्ष नाथू ला में 1967 में हुई उस झड़प के बाद सबसे बड़ा संघर्ष है जिसमें चीन के 300 से अधिक सैनिक मारे गए थे और भारत के लगभग 80 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद 1975 में चीन की सेना के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सैनिक की मौत हुई थी। 1975 में अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला में दोनों देशों के बीच अस्थाई सीमा के पास घात लगाकर किए गए हमले में चार भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे।

पूर्वी लद्दाख के इलाकों में चल रहा है विवाद
भारत और चीन की सेना के बीच पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी में गतिरोध चल रहा है। काफी संख्या में चीनी सैनिक अस्थायी सीमा के अंदर भारतीय क्षेत्र में पैंगोंग सो सहित कई स्थानों पर घुस आए हैं। भारतीय सेना ने घुसपैठ पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए उनकी तुरंत वापसी की मांग की है। गतिरोध दूर करने के लिए दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ दिनों में कई वार्ताएं हुई हैं। भारत और चीन का सीमा विवाद 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर है। चीन, तिब्बत के दक्षिणी हिस्से के रूप में अरुणाचल प्रदेश पर दावा करता है जबकि भारत इसे अपना अभिन्न अंग बताता है।

5 मई को भारत और चीन की सेना में झड़प
पूर्वी लद्दाख में स्थिति तब खराब हुई जब बीते पांच मई को पेगोंग झील क्षेत्र में भारत और चीन के लगभग 250 सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और लाठी-डंडों से झड़प हो गई। दोनों ओर से पथराव भी हुआ था, जिसमें दोनों देशों के सैनिक घायल हुए थे। यह घटना अगले दिन भी जारी रही। इसके बाद दोनों पक्ष ”अलग” हुए, लेकिन गतिरोध जारी रहा। इसी तरह की एक अन्य घटना में नौ मई को सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास दोनों देशों के लगभग 150 सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में दोनों पक्षों के कम से कम 10 सैनिक घायल हुए थे।

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