April 27, 2020

PM ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी सीएम से की बात, लॉकडाउन को लेकर लिया बड़ा फैसला

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PM MODI

पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे वीडियो कांफ्रेंसिंग, कोरोना संकट पर तय होगी रणनीति

नई दिल्ली। भारत मे कोरोना का कहर लगातार बढ़ता चला रहा है, अभी तक कोरोना के मरीज 28 हजार के आस पास पंहुच चुके हैं जबकि 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुके है। कोरोना संकट को लेकर बीते 25 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है,​ फिल्हाल तो 3 मई तक ही लॉकडाउन चल रहा है लेकिन जरूरत पड़ी तो इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक बार फिर से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ लॉकडाउन को लेकर चर्चा की। इस दौरान हिमाचल और मेघालय को छोड़कर सभी राज्यों ने लॉकडाउन को खत्म करने की सलाह दी। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि 3 मई के बाद लॉकडाउन को लेकर बड़ी राहत मिल सकती है।

बता दें कि संक्रमण के चलते जारी लॉकडाउन के दौरान पीएम की मुख्यमंत्रियों के साथ यह तीसरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग है। बैठक में तीन मुद्दों पर चर्चा हुई है। एक, राज्यों में कोरोना संक्रमण की मौजूदा स्थिति और रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयास। दूसरे 20 अप्रैल से गृह मंत्रालय द्वारा प्रदत्त छूटों के क्रियान्वयन पर राज्यों का फीडबैक और तीसरे, तीन मई के बाद की क्या रणनीति हो।

देश में कोरोना संकट की शुरुआत के बाद 22 मार्च से अब तक प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चार बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक कर चुके हैं। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय एवं अन्य संबद्ध मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की। इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

कोरोना वायरस पर जारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए। वहीं, इस चर्चा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। हालांकि इस दौरान राज्यों की तरफ से भी अपने मुद्दे रखे गए। इनमें आर्थिक पैकेज की मांग प्रमुख हैं।

-चर्चा के दौरान मेघालय के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से लॉकडाउन को तीन मई के आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। कोरोना वायरस को लेकर जारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन शामिल नहीं हुए हैं। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि केरल ने अपने सुझाव लिखित में दिए हैं।

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-उत्तराखंड के सीएम ने कहा कि पर्यटन और तीर्थयात्री लॉकडाउन से बहुत प्रभावित हुए हैं। पीएम के हस्तक्षेप से हम जल्द ही अपने उद्योग और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित कर पाएंगे। सभी एहतियाती उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, व्यापार और व्यापार गतिविधियां चरण-वार तरीके से शुरू होनी चाहिए। हमें धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य करने के लिए लोगों के जीवन को आसान बनाना होगा। मिजोरम के मुख्यमंत्री ने इस बारे में बात की कि लॉकडाउन के बाद केंद्र के निर्देशों का किस तरह पालन होगा।

-पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने राज्य के स्वास्थ्य संबंधी योद्धाओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और अन्य चिकित्सा उपकरण प्रदान करने के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने तीन मई को लॉकडाउन खत्म होने पर उद्योग शुरू करने की इच्छा व्यक्त की और कोविद -19 से लड़ने के लिए भारत सरकार से वित्तीय सहायता मांगी।

-ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि वह लॉकडाउन जारी रखने के पक्ष में हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि आर्थिक गतिविधियों को इजाजत दी जाए। पटनायक ने कहा, “मैं केंद्र सरकार से विनती करता हूं कि हम अर्थव्यवस्था के उपायों को शुरू करें क्योंकि हम बीमारी पर लगाम लगाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

बैठक में बोले पीएम, लॉकडाउन का मिला लाभ
सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि सामूहिक प्रयास का लाभ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का हमें लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के मुकाबले भारत बेहतर स्थिति में है।

मनरेगा की अवधि को 100 दिन से बढ़ाकर 150 किया जाए: त्रिवेंद्र रावत
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा, ‘राज्य के आर्थिक पुनरुद्धार के लिए मंत्रियों और विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया है कि मनरेगा मजदूरी रोजगार की वर्तमान अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 150 दिन कर दिया जाए।’

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