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उपद्रवियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को इजाजत की जरूरत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

उपद्रवियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को इजाजत की जरूरत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
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नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बीते चार दिनों से जारी हिंसा को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस को नोटिस भेजा था। कोर्ट के नोटिस पर बुधवार की दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक पुलिस ने जवाब दे दिया है। अब फिर से कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई शुरू कर दी है।

जस्टिस एस मुरलीधर और तलवंत सिंह की पीठ में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के ​वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। कोर्ट ने कहा कि पुलिस को हिंसा के संबंध में कोई कार्रवाई करने के लिए कोर्ट के निर्देश की जरूरत नहीं है। पुलिस को उपद्रवियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।

उधर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में मंगलवार की आधी रात को सुनवाई हुई। न्‍यायमूर्ति एस. मुरलीधर के घर पर मंगलवार देर रात हुई सुनवाई में दिल्ली पुलिस को मुस्तफाबाद के एक अस्पताल से एंबुलेंस को सुरक्षित रास्ता और मरीजों को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही स्टेटस रिपोर्ट तलब की गई। बुधवार दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर मामले की फिर से सुनवाई होगी।

इसके अलावा दिल्ली हाई कोर्ट में एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई हो रही है। याचिका में हिंसा की न्याचिका जांच और भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोग लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं।

अधिवक्ता नबीला हसन के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया कि हिंसा के दौरान कई लोग जहां घायल हो गए, वहीं कुछ लोगों की जान भी चली गई। उपद्रवियों ने कई दुकानों और घर को आग के हवाले कर दिया है।

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