राष्ट्रपति दुबारा बनने पर प्रणव मुखर्जी की असहमति,ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पद को लेकर गरमायी राजनीति

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने गुरुवार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर सर्वसम्मति की उम्मीद जताई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद ममता ने कहा, राष्ट्रपति संविधान के संरक्षक होते हैं और यह पूरे देश के लिए अच्छा हो कि इस पद के लिए  सर्वसम्मति से चुना गया कोई उम्मीदवार हो, जैसे ए पी जे अब्दुल कलाम थे।

ममता ने 16 मई को भी विपक्ष की तरफ से साझा उम्मीदवार नामित करने को लेकर सोनिया गांधी से बातचीत की थी। मोदी के साथ अपनी बैठक के बारे में ममता ने कहा कि उन्होंने विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत अपने राज्य के लिए कोषों के मुद्दों को उठाया।

ममता आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ एक बैठक करेंगी, जिसमे विपक्ष के कई बड़े नेताओं को भी बुलाया गया है। बैठक में राष्ट्रपति पद के लिए सर्वसम्मति से उम्मीदवार चुनने पर ही चर्चा होने की आशा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, बकाया 10,500 करोड़ रुपये में से हमें अब तक केवल 2,000 करोड़ रुपये ही मिले हैं, मैंने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि 8,000 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं।

राष्ट्रपति ने यह बात एक चाय पार्टी में कही, यह पार्टी राष्ट्रपति की सचिव ओमिता पॉल ने नीदरलैंड में राजदूत नियुक्त किए गए राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेणु राजमणि की विदाई समारोह के मौके पर आयोजित कीथी,  जिसमें विशेषरूप से मीडियाकर्मियों को बुलाया गया था। राजमणि अगले महीने नीदरलैंड में अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे।

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इधर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से संकेत दे दिया कि वह राष्ट्रपति पद के दूसरे कार्यकाल की दौड़ का हिस्सा नहीं हैं। 25 जुलाई को एक नया राष्ट्रपति पदभार ग्रहण कर लेगा। मैं उन अधिकारियों को वापस उनके मंत्रालयों और विभागों में भेज रहा हूं जिन्होंने मेरे साथ काम किया है। एक को वाणिज्य मंत्रालय में और दो को विदेश मामले के मंत्रालय में भेजा गया है।

प्रणव मुखर्जी की टिप्पणी जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवारों को लेकर चल रही थी जो राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि अगर सरकार को स्वीकार हो तो मुखर्जी के लिए दूसरे कार्यकाल पर विचार किया जा सकता है, लेकिन सरकार ने इस बात का कोई संकेत नहीं दिया है कि इस सर्वोच्च पद के लिए वह क्या सोच रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज इस पद के लिए विपक्षी उम्मीदवार को लेकर आम सहमति पर पहुंचने के प्रयासों के तहत विपक्षी नेताओं के लिए मध्याह्न-भोज आयोजित किया हैं, जिसमें तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी को भी आमंत्रित किया गया है। ममता ने हाल ही में सोनिया से मुलाकात कर मुखर्जी के दूसरे कार्यकाल पर सहमति जताई थी।

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