पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी मोदी सरकार, CM ममता बनर्जी ने ​कही ये बात

नई दिल्ली। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी अफसर और राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय पर अनुशासन का डंडा चलाने की तैयारी कर रही है। केन्द्र सरकार ने शुक्रवार को अलपन बंद्योपाध्याय को बंगाल के मुख्य सचिव पद से हटाकर सोमवार को सुबह 10 बजे तक दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया था।

इसके बावजूद अलपन बंद्योपाध्याय ने निर्देश को दरकिनार कर अब तक अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। इसके बाद अब उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की तैयारी शुरू हो गई है। बता दें कि विगत सप्ताह यास चक्रवात से हुए नुकसान की समीक्षा बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी को आधे घंटे से ज्यादा का इंतजार कराने के बाद अलपन बंद्योपाध्याय विवादों में आ गए थे।

पीएम नरेन्द्र मोदी की इस बैठक में सीएम ममता बनर्जी स्वयं देर से पहुंची थी। सीएम के साथ ही मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय भी देरी से पहुंचे थे। वहीं इसके बाद बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय को न हटाने का अनुरोध किया है। सीएम ममता बनर्जी ने चिट्ठी में अलपन बंद्योपाध्याय को दिल्ली बुलाए जाने के आदेश को असंवैधानिक बताया गया है। ममता बनर्जी ने लिखा है, ’28 मई को केंद्र सरकार की ओर से चीफ सेक्रेटरी के ट्रांसफर का एकतरफा आदेश जारी किया गया है।

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सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस फैसले को लेकर राज्य से कोई सलाह मशविरा नहीं किया था। यह पूरी तरह से एकतरफा और अप्रत्याशित फैसला है। यही नहीं सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मेरे आग्रह पर कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने चीफ सेक्रेटरी अलपन बंद्योपाध्याय के कार्यकाल में तीन महीने का विस्तार देने का फैसला लिया था, जबकि 31 मई को ही उनका कार्यकाल समाप्त होना था। ऐसे में चीफ सेक्रेटरी के कार्यकाल में तीन महीने के इजाफे वाले फैसले को ही लागू रहने देना चाहिए।

ममता बनर्जी ने अपने पत्र में सवाल उठाते हुए कहा है कि मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि आपने आखिर 24 मई के ही अपने फैसले को क्यों पलट दिया। ममता बनर्जी ने कहा कि आपने ही कुछ दिनों पहले उनके कार्यकाल के विस्तार का आदेश दिया था, लेकिन अब आखिर ऐसा क्या है कि उन्हें अचानक दिल्ली बुला लिया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि चीफ सेक्रेटरी को दिल्ली बुलाए जाने को लेकर कोई वजह भी नहीं बताई गई है।

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