दिल्ली हिंसा में जान गवांने वाले नवरीत सिंह के घर पहुंचीं प्रियंका गांधी, जानें वजह

नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा गणतंत्र दिवस के दिन किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान जान गवांने वाले किसान के परिजनों से मिलने रामपुर पहुंचीं। प्रियंका नवरीत सिंह के परिवार के सदस्यों से मिल रही हैं। प्रियंका वाड्रा सुबह सड़क मार्ग से दिल्ली से रामपुर के लिए रवाना हुईं। रास्ते में प्रियंका गांधी के काफिले में चल रही कारें हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में नेशनल हाईवे-9 फ्लाईओवर पर हादसे का शिकार हो गई।

किसान आंदोलन में 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान जान गंवाने वाले रामपुर के डिबडिबा गांव में नवनीत सिंह की अंतिम अरदास का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उसके पास ही में बैनर लगाकर किसान विरोधी कानून पर साथ देने वाले मंत्री और विधायक व सांसदों का बहिष्कार करने का आह्वान किया गया।

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई युवक नवरीत सिंह की मौत के बाद आज उसका भोग और अंतिम अरदास है। इसमें शामिल होने के लिए कई नेता पहुंच रहे हैं। प्रियंका गांधी के अलावा रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के अलावा अन्य कई नेता अंतिम अरदास में पहुंच रहे हैं। एसपी शगुन गौतम ने बताया कि हमें सिर्फ रामगोविंद चौधरी के आने के जानकारी मिली है। प्रियंका गांधी के आने की अधिकृत सूचना हमारे पास नहीं है।

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बता दें कि कि नवरीत सिंह ऑस्ट्रेलिया पढ़ाई के लिए गए थे और हाल ही भारत लौटकर आए थे। भारत आने के बाद वो दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल हो गए थे। उनकी मौत के बाद ऐसी भी खबरें आई थीं कि परिवार को उनके आंदोलन में शामिल होने की जानकारी नहीं थी। कांग्रेस महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी दिल्ली में 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हादसे में मरने वाले युवक के परिवार से मिलने के लिए रामपुर रवाना हो गई हैं। 27 साल के नवरीत सिंह का ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई थी।

 

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