प्रियंका वाड्रा बोलीं- मोदी सरकार की लापरवाही से बढ़ा कोरोना संकट, बेवजह बढ़ाया गया ऑक्सीजन निर्यात

नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोरोना की दूसरी लहर में पीड़ितों को ऑक्सीजन न मिलने को लेकर प्रियंका ने केंद्र सरकार को ‘लापरवाह बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पहली एवं दूसरी लहर के बीच मिले समय में ढंग से तैयारी की होती तो इस त्रासदी को टाला जा सकता था। अपनी श्रृंखला ‘जिम्मेदार कौन के तहत उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए यह सवाल किया कि केंद्र ने महामारी वाले साल 2020 में ऑक्सीजन का निर्यात 700 प्रतिशत तक क्यों बढ़ा दिया?

प्रियंका वाड्रा ने पूछा कि मोदी सरकार ने अपने ही विशेषाधिकार प्राप्त समूह की ऑक्सीजन संकट की सलाह को दरकिनार क्यों किया? कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा, ”महामारी की मार के पहले तक ऑक्सीजन को प्राथमिक रूप से औद्योगिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाता था, इसलिए भारत के पास ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होने वाले विशेष रूप से बनाये गए क्रायोजेनिक टैंकरों की संख्या 1200- 600 थी। कोरोना की पहली लहर एवं दूसरी लहर के बीच मोदी सरकार ने इन टैंकरों की संख्या बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं किया।

प्रियंका ने दावा किया, ”भारत ऑक्सीजन का सबसे बड़ा ऑक्सीजन उत्पादक देश है, लेकिन केंद्र सरकार की लापरवाही के चलते कोरोना की दूसरी लहर के समय ऑक्सीजन संकट खड़ा हुआ और लोगों की जानें गईं। केंद्र सरकार ने 150 ऑक्सीजन संयंत्र चालू करने के लिए बोली लगाई थी, लेकिन उनमें से ज्यादातर संयंत्र अभी भी चालू नहीं हो सके हैं।

Gyan Dairy

प्रियंका वाड्रा ने यह आरोप भी लगाया, ”इस संकट काल में भी मोदी सरकार ने लोगों की जेब काटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। संसद की स्वास्थ्य मामलों की स्थाई समिति ने सरकार को पहले ही सुझाया था कि केंद्र सरकार को ऑक्सीजन सिलेंडर के दाम नियंत्रित करने के प्रयास करने होंगे, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमत पिछले साल 4000 रू थी वहीँ एक साल में बढ़कर 7000 रू हो गई।

 

Share