राजस्थान सियासत: सीएम अशोक गहलोत का कबूलनामा, कहा-सचिन पायलट की बगावत के समय कराई थी फोन टेपिंग

जयपुर। राजस्थान की कांग्रेस सरकार के मुखिया सीएम अशोक गहलोत ने अखिरकार ये मान लिया है कि ​गत वर्ष ​तत्कालीन डिप्टी सीएम सचिन पायलट गुट के बगावत करने पर सरकार ने कई लोगों के फोन टेप कराए थे। इनमें केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस विधायक भी शामिल थे। गहलोत सरकार ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि सक्षम स्तर से मंजूरी लेकर फोन टेप किए जाते हैं।

बता दें कि पिछले साल जुलाई में कांग्रेस नेता सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच सियासी तनातनी के बीच फोन टैपिंग का मुद्दा उठा था। मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया था कि बीजेपी उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। वहीं इस मुद्दे के उठने के बाद अगस्त, 2020 में विधानसभा सत्र में पूर्व शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने यह सवाल पूछा था, क्या यह सच है कि पिछले दिनों फोन टैपिंग के मामले सामने आए हैं, अगर हां तो किस कानून के तहत और किसके आदेश पर ये कार्रवाई की गई थी? पूरी जानकारी सदन के पटल पर रखी जाए?

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विधानसभा में एक सवाल के जवाब में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने पुष्टि की कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के नेताओं के फोन टेप किए गए थे। गहलोत सरकार ने कहा कि सक्षम स्तर से मंजूरी लेकर फोन टेप किए जाते हैं। फोन इंटरसेप्टेड भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 की धारा 5 (2), भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) नियम, 2007 की धारा 419 (ए), साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69 के प्रावधानों के तहत ये कदम उठाए गए थे। बता दें कि एक केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेताओं के बीच फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो पिछले साल जुलाई में वायरल हुआ था। इसके बाद राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था।

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