राजस्थान: कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों को लेकर विवाद बढ़ा, दिल्ली पहुंचे पायलट गुट के 15 विधायक

जयपुर। कांग्रेस पार्टी में इस समय आतंरिक कलह की बाढ़ सी आ गई है। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह और क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्दू, कर्नाटक में सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार की खींचतान चरम पर है। इस बीच राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और उनके प्रतिद्धंदी सचिन पायलट की लड़ाई एक बार फिर उभर आई है। अब कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों को लेकर दोनों खेमे आमने-सामने आ गए हैं। सचिन पायलट के समर्थक पार्टी हाईकमान से मिलने के लिए दिल्ली में पहुंच गए हैं।

कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में पायलट समर्थकों ने राज्य सरकार में बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों और निर्दलीय विधायकों के बढ़ते रसूख के बारे में लिखा था। शाहपुरा विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी मनीष यादव ने कहा, ‘हम तब तक दिल्ली में डेरा डालते रहेंगे जब तक हम नेतृत्व से मिल नहीं लेते। सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले सभी 15 उम्मीदवार अजय माकन से मिलना चाहते थे। हालांकि पायलट समर्थकों को पांच सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल के रूप में आने के लिए कहा गया। पालयट गुट ने कहा कि मुख्यमंत्री सरकार का नेतृत्व करते हैं और संगठन प्रदेश प्रमुख द्वारा तय होता है।

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राजस्थान में पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के धड़े एक पखवाड़े से कैबिनेट विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं।इन विधायक उम्मीदवारों ने पहले कहा था कि विधायक (निर्दलीय और बसपा से शामिल होने वाले) विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक ढांचे को कमजोर कर रहे हैं।

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