राकेश टिकैत ने फिर दी सरकार को विशाल आंदोलन की चेतावनी, 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ निकालेंगे रैली

जयपुर: देश में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा आंदोलन रूकने का नाम नही ले रहा है। 26 जनवरी को किसानो द्वारा ​ट्रैक्टर रैली निकाली गयी थी जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ था वहीं एकबार फिर किसान नेता राकेश टिकैत ने तीन कृषि कानूनों को रद्द नहीं करने पर ट्रैक्‍टर मार्च की चेतावनी दी है। उन्‍होंने राजस्‍थान के सीकर में एक रैली में कहा कि अगर विरोधाभासी कानूनों को निरस्त नहीं किया गया तो प्रदर्शनकारी किसान संसद का घेराव करेंगे।

टिकैत ने कहा, ”इस बार संसद का घेराव होगा। हम इसकी घोषणा करेंगे और फिर दिल्ली की ओर मार्च करेंगे। इस बार चार लाख ट्रैक्टरों के बजाय 40 लाख ट्रैक्टर होंगे।”

उन्‍होंने किसानों से ‘दिल्ली मार्च’ के लिए तैयार रहने का भी आग्रह किया, क्योंकि इसके लिए किसी भी समय आह्वान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संसद को घेराव की तारीख संयुक्त मोर्चा के नेताओं द्वारा तय की जाएगी।

किसान नेता ने कहा कि वे इंडिया गेट के पास पार्कों में फसलें पैदा करेंगे। टिकैत ने यह भी आरोप लगाया कि 26 जनवरी को उनकी ट्रैक्टर परेड के दौरान किसानों की छवि धूमिल करने की साजिश रची गई थी। उन्होंने कहा, “देश के किसान तिरंगे से प्यार करते हैं, लेकिन इस देश के नेताओं से नहीं।”

किसानों का विरोध प्रदर्शन बढ़ा
केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसानों ने अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए 27 फरवरी तक कई घोषणा की है। मंगलवार को किसानों ने ‘पगड़ी संभल दिवस’ मनाया।

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संयुक्‍त किसान मोर्चा ने पहले घोषणा की थी कि उनके प्रस्तावित वृद्धि कार्यक्रम के तहत 24 फरवरी को ‘दमन विरोधी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। मोर्चा ने कहा कि 26 फरवरी को ‘युवा किसान दिवस’ (युवा किसान दिवस) और 27 फरवरी को ‘मजदूर किसान एकता दिवस’ (किसान-मजदूर एकता दिवस) के रूप में मनाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को दोहराया कि केंद्र प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि केवल भीड़ इकट्ठा करने से कानूनों को निरस्‍त नहीं किया जा सकता।

 

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