MPC की बैठक के बाद RBI गवर्नर बोले- रेपो रेट में बदलाव नहीं, सस्ती EMI के लिए करना होगा इंतजार

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। इसलिए आरबीआई ने अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए कई ऐलान किए हैं। मौद्रिक नीति समिति की पिछली तीन मौद्रिक समीक्षा बैठकों में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले रिजर्व बैंक ने 22 मई 2020 में नीतिगत ब्याज दरों में संशोधन किया था।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेपो रेट चार फीसदी पर बरकरार है। मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। इसके बाद ग्राहकों को ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिली है। गवर्नर ने आगे कहा कि रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है। इसके साथ ही बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है। यह 4.25 फीसदी पर है।

इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष 2021-22 में देश की जीडीपी में 10.5 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया है। उन्होंने बताया कि अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत हैं। ग्रोथ से जुड़े परिदृश्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस समय वृद्धि को बढ़ावा देने को जारी रखने की जरूरत है।

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शक्तिकांत दास ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में महंगाई दर 5.2 फीसदी तक रह सकती है।  वित्त वर्ष 2021-22 में खुदरा महंगाई दर से जुड़े पूर्व के 5.8 फीसदी के अनुमान को संशोधित कर 5.2 फीसदी से पांच फीसदी किया गया है। गवर्नर ने इस बात पर संतोष जताया कि महंगाई दर छह फीसदी के टॉलरेंस लेवल के नीचे है।

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