कैबिनेट विस्तार से पहले निशंक, हर्षवर्धन, बाबुल सुप्रियो और संतोष गंगवार समेत 11 मंत्रियों का इस्तीफा

नई दिल्ली। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार अपना पहला कैबिनेट विस्तार कर रही है। हालांकि कैबिनेट विस्तार से पहले केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे से भी इस्तीफा ले लिया गया है। अश्वनी चौबे लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। वहीं, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी , श्रम मंत्री संतोष गंगवार, सदानंद गौड़ा, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोतरे और बंगाल के सांसद व राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो से भी इस्तीफा ले लिया गया है।

इसके साथ ही हरियाणा के अंबाला से चौथी बार सांसद बने राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया, राज्य मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी का भी इस्तीफा ले लिया गया है। वहीं मंगलवार को ही सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत को हटाकर उन्हें कर्नाटक के राज्यपाल का जिम्मा दिया गया था। इस तरह से अब तक 11 लोगों की कैबिनेट से छुट्टी कर दी गई है। इस बीच बीजेपी ने बिहार की अपने गठबंधन सहयोगी जेडीयू को भी साध लिया है। जेडीयू के खाते में कैबिनेट मंत्री के एक पद के साथ ही 3 राज्य मंत्री के पद जाएंगे। जेडीयू के नेता आरसीपी सिंह कैबिनेट मिनिस्टर होंगे।

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शाम छह बजे मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नए मंत्रियों के लिए शपथ ग्रहण समारोह होगा। मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार में 19 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद की संख्या 53 से बढ़़कर 72 हो जाएगी। कैबिनेट फेरबदल में कुछ मंत्रियों का कद भी बढ़ाया जा सकता है। इनमें प्रमुख नाम नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी चल रहा है। इस बीच लोजपा नेता पशुपति कुमार पारस भी पीएम नरेंद्र मोदी के आवास पर पहुंचे हैं। यदि पशुपति पारस कैबिनेट में शामिल होते हैं तो चिराग पासवान के लिए बड़ा झटका होगा। मोदी कैबिनेट में अभी 53 मंत्री हैं, जबकि उसमें अधिकतम 81 मंत्री रह सकते हैं।

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