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निज़ामुद्दीन मरकज मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कहा- मीडिया कवरेज पर लगे रोक

निज़ामुद्दीन मरकज मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कहा- मीडिया कवरेज पर लगे रोक
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नई दिल्ली। जमीयत-उलमा-ए-हिंद ने निज़ामुद्दीन मरकज (Nizamuddin Markaz) मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दाखिल की। जमीयत का आरोप है कि मीडिया का एक वर्ग मार्च में हुए निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम को लेकर नफरत फैला रहा है। इसलिए केंद्र को निर्देश दिया जाए कि वह मुस्लिमों को लेकर फैलाई जा रहीं फेक न्यूज पर रोक लगाए और इनके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।  

तबलीगी जमात पर कवरेज से नाराज जमीयत

निजामुद्दीन के मरकज में हुए कार्यक्रम के बाद की खबरों और रिपोर्ट को जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने दुर्भावना से भरा करार दिया है। जमीयत ने कहा है कि तबलीगी जमात के मुद्दे पर मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा है और प्रिंट और मीडिया के कुछ हिस्सों में मुसलमानों को गलत तरीके से समाज में पेश किया जा रहा है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि कोर्ट निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज मामले का साम्प्रदायीकरण रोकने के लिए आदेश जारी करे।

दिल्ली में 329 मामले तबलीगी जमात के

बता दें, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़े हैं। यह संख्या बढ़कर 525 हो गई हैं। इनमें से 329 मामले तबलीगी जमात से संबंध रखते हैं। दिल्ली में इसके संक्रमण से 7 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी है।

इसके अलावा दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान के एक और डॉक्टर और 11 नर्सिंग अधिकारियों का कारोना वायरस का टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आया है। अभी तक संस्थान के कुल 2 डॉक्टरों और 16 नर्सिंग अधिकारियों के कोरोना वायरस की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गयी है।

25 हजार लोग हुए हैं क्वारंटाइन

कोरोना वायरस के संक्रमण को तेजी से फैलने से रोकने के लिए तबलीगी जमात और उनके संपर्क में आए 25 हजार लोगों को पूरे देश में क्वारंटाइन किया गया है। इसके साथ ही तबलीगी जमात के लोग हरियाणा के जिन 5 गांवों में गए थे, उन गांवों को भी सील कर दिया गया है। गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सोमवार को यह जानकारी दी।

लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में दर्ज किए गए 247 मुकदमे

दिल्ली पुलिस ने बताया कि लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के कारण अब तक लगभग 247 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। भौतिक जांच के बाद 81 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से 160 एफआईआर तकनीकी निगरानी के बाद दर्ज की गई हैं, जबकि पड़ोसियों की शिकायतों पर 6 मामले दर्ज किए गए हैं।  

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