सातवें दौर की बातचीत: सरकार ने किसानों से साफ कहा- नहीं रद्द कर सकते कृषि कानून

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन बीते सवा महीने से अधिक समय से जारी है। बारिश और ठंड के बीच दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों की आज केन्द्र सरकार के साथ सातवें दौर की बातचीत चल रही है। केन्द्र सरकार और किसानों के बीच आज सातवें दौर की बातचीत शुरू हो गई है। इस बीच बड़ी खबर आ रही है कि किसान नेताओं और सरकार के मंत्रियों के बीच हो रही सातवें दौर की बातचीत के दौरान सरकार ने दो टूक कहा है कि वह तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर सकती है।

उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक से कुछ सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। आज की बैठक में सरकार के सामने किसानों की दो मांगें हैं- कानून वापसी और एमएसपी का वादा। बता दें कि पिछली बातचीत में सरकार ने किसानों की दो बातें मान ली थी- बिजली संशोधन विधेयक 2020 और पराली जलाना जुर्म नहीं। फिलहाल, किसान संगठन के नेता विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं और वार्ता शुरू हो चुकी है।

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