70 करोड़ कीमत का साँप का ज़हर हुआ बरामद,ड्रग माफियाओ का बड़ा खेल

बिहार सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के बत्तासी और पानीटंकी के बीच SSB और सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया सूचना के आधार पर सांप के जहर की तस्करी करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। तस्करों के पास से 70 करोड़ रूपये की कीमत का सांप का जहर बरामद किया गया है।

एसएसबी के एक अधिकारी ने बताया है कि गुप्त सूचना मिलने के बाद बिहार सीमा से सटे बत्तासी और पानीटंकी इलाके में एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट प्रवीण हांसदा की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान बत्तासी और पानीटंकी के बीच दो तस्करों को दो जार सर्प विष समेत गिरफ्तार कर लिया गया, जो दोनों एक मोटरसाइकिल से दो जार में विष लेकर जा रहे थे. एक जार में तरल विष था तो दूसरे में विष पाउडर था।

एसएसबी और सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले 8 महीनों में 250 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत का सर्प विष बरामद किया है. एसएसबी के मुताबिक इन दिनों सांप के विष की तस्करी काफी बढ़ गई है। इसी के चलते एसएसबी और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों को ख़ुफ़िया सूचना मिली थी कि बिहार के दो तस्कर सांप का जहर लेकर जाने वाले हैं।

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पूछताछ के दौरान तस्करों की पहचान विजय कुमार और नौशाद आलम के रूप में हुई। दोनों के पास से जब्त किए गए जहर की कीमत 70 करोड़ रुपये आंकी गई है. जानकारी के मुताबिक पिछले 8 महीनों में 250 करोड़ की कीमत का सांप का जहर जब्त किया जा चुका है।

सर्प विष का इस्तेमाल कोबरा ड्रग के रूप में किया जाता है, इससे हृदय के आकार के चॉकलेट में मिलाया जाता है। यही नहीं कोबरा के विष का इस्तेमाल के-72 और के-76 ड्रग्स में भी किया जाता है। इन नशीले पदार्थो के उपयोग से उत्तेजना में वृद्धि होती है। इस ड्रग्स को लेने वाले को देर तक उछलने-कूदने और नाचने की ऊर्जा मिलती है. इसी के चलते नेपाल, बांग्लादेश के रास्ते सर्प विष की तस्करी की जा रही है।

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