पनडुब्बी ‘वजीर’ Indian Navy में शामिल, अरब सागर में बढ़ेगी ताकत

नई दिल्ली। चीन से जारी तनाव के बीच भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने स्कॉर्पीन श्रेणी की पांचवी पनडुब्बी ‘वजीर’ का दक्षिण मुंबई स्थित मझगांव गोदी में आज जलावतरण किया। इस पनडुब्बी ​की खासियत है कि ये दुश्मन के रडार से बचने और आधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस है। केन्द्रीय रक्षा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक की पत्नी विजया ने वीडियो कंफ्रेंस के जरिये पनडुब्बी का जलावतरण किया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि नाइक गोवा से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये शामिल हुए।

बता दें कि ‘वजीर’ पनडुब्बी भारत में बन रहीं छह कालवेरी श्रेणी की पनडुब्बियों का हिस्सा है। इस पनडुब्बी को फ्रांसीसी समुद्री रक्षा और ऊर्जा कंपनी डीसीएनएस ने डिजाइन किया है और भारतीय नौसेना की परियोजना-75 के तहत इनका निर्माण हो रहा है। अधिकारी ने बताया कि ये पनडुब्बियां सतह पर, पनडुब्बी रोधी युद्ध में कारगर होने के साथ खुफिया जानकारी जुटाने, समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने और इलाके में निगरानी करने में भी सक्षम हैं।

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इस पनडुब्बी का नाम हिंद महासागर की शिकारी मछली ‘वजीर’ के नाम पर रखा गया है। पहली ‘वजीर’ पनडुब्बी रूस से प्राप्त की गई थी जिसे भारतीय नौसेना में तीन दिसंबर 1973 को शामिल किया गया था और सात जून 2001 को तीन दशक की सेवा के बाद सेवामुक्त किया गया था।

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