विदेशी चंदा लेने की अनुमति मिली सीतलवाड़ के एनजीओ को

सरकार ने विदेशी चंदा प्राप्त करने पर लगे प्रतिबंध के बावजूद सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा संचालित एक गैरसरकारी संगठन (एनजीओ) के एफसीआरए लाइसेंस का नवीनीकरण कर दिया है.

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सीजेपी वर्ष 2002 गुजरात दंगों में जिंदा बचे लोगों को अनुदान में कथित दुरूपयोग पर गृह मंत्रालय द्वारा जांच के घेरे में आया था जिसके बाद इसे पिछले साल जुलाई में गृह मंत्रालय द्वारा पूर्व अनुमति श्रेणी में डाल दिया गया था.

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गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद द्वारा संचालित सिटिजन फार जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) के विदेशी चंदा नियमन कानून के तहत पंजीकरण का नवीनीकरण किया गया है. पूर्व अनुमति श्रेणी में होने के बावजूद सीजेपी के एफसीआरए पंजीकरण का नवीनीकरण किया गया है. पूर्व अनुमति श्रेणी वाले एनजीओ को विदेशी चंदा लेने से पहले सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है.

तीस्ता सीजेपी की सचिव हैं और उनके दो अन्य एनजीओ सबरंग ट्रस्ट और सबरंग कम्युनिकेशन एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड सीबीआई तथा गुजरात पुलिस द्वारा पहले से जांच के घेरे में हैं. सबरंग ट्रस्ट के एफसीआरए लाइसेंस को इस साल जून में गृह मंत्रालय द्वारा रद्द किया गया था, जबकि सबरंग कम्युनिकेशन, फोर्ड फाउंडेशन से कोष के कथित दुरूपयोग के लिए सीबीआई जांच के घेरे में हैं.

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