अरुण जेटली ने कहा किअब जम्मू-कश्मीर से भागने लगे हैं आतंकवादी

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि कश्मीर घाटी में आतंकवादी अब काफी दबाव में हैं और अब वे वहां से भाग रहे हैं. रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे जेटली ने कहा कि हथियारबंद आतंकवादियों का कश्मीर घाटी से सफाया सरकार की प्राथमिकता है. आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद करेंसी की कमी और राष्ट्रीय  द्वारा अलगाववादी नेताओं के हवाला कारोबार पर कार्रवाई के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि अब आतंकवादी घाटी में बैंक लूट रहे हैं. जेटली ने कहा, ‘पहले हजारों की तादाद में आतंकवादी नियंत्रण रेखा पार करते थे, लेकिन अब ये संख्या घट गई है और सुरक्षा बल वहां पर हावी हैं.

उन्होंने दावा किया, आज कोई बड़ा आतंकवादी यह सपना नहीं देख सकता कि वो आतंकी गतिविधियों को अंजाम देकर घाटी को दशकों तक आतंक के साये में रख सके, क्योंकि आज उनकी जिंदगी घटकर कुछ महीनों की रह गई है. मैं विशेष तौर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की उनकी मेहनत आतंकवादियों के खात्मे के लिए तारीफ करूंगा.

रक्षा मंत्री ने कहा, इससे पहले, मुठभेड़ के दौरान सैकड़ों या हजारों की तादाद में पत्थरबाज इकट्ठे होकर आतंकवादियों को भागने में मदद करते थे. आज उनकी संख्या घटकर 20, 30 या 50 रह गई है. बहरहाल, जेटली ने भूटान ट्राई-जंक्शन के पास डोकलाम इलाके में भारत और चीन के बीच गतिरोध पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. हालांकि, उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात संवेदनशील हैं और मैं किसी भी तरह की टिप्पणी सार्वजनिक तौर पर नहीं करूंगा. अपने सुरक्षा बलों पर हमें पूरा भरोसा रखना चाहिए.

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जेटली ने कहा, आज नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा पर भारतीय सेना हावी है, खासतौर से हमारी सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकवादियों के लिए घुसपैठ करना बेहद मुश्किल हो गया है. घाटी में आतंकवादियों द्वारा आईएसआईएस का झंडा लहराने के एक सवाल पर जेटली ने इसे ‘छिटपुट घटना’ बताया. उन्होंने कहा, कुल मिलाकर हमारा देश आईएसआईएस के खतरे से मुक्त है.

 

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