केन्द्र सरकार ने SC से कहा, विजय माल्या को वापस लाने की हर कोशिश जारी, इसलिए हो रही देरी

नई दिल्ली। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने आज यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि कई बैंकों का हजारों करोड़ रुपए का कर्ज नहीं लौटाने वाले भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को ब्रिटेन से भारत लाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं। केन्द्र सरकार ने बताया कि माल्या को वापस लाने में कानूनी कार्यवाही की वजह से विलंब हो रहा है। बता दें कि विजय माल्या डूब चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर बैकों का 9 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक कर्ज न लौटाने का आरोपी है।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति उदय यू ललित और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण की स्थिति के बारे में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए और समय देने का अनुरोध किया है। सुनवाई के बाद पीठ ने इसकी सुनवाई 15 मार्च के लिए स्थगित कर दी।

केंद्र सरकार की ओर से साॅलिसिटर तुषार मेहता ने विजय माल्या के ब्रिटेन से प्रत्यर्पण की स्थिति के बारे में विदेश मंत्रालय के अधिकारी देवेश उत्तम द्वारा उन्हें लिखा गया पत्र को पीठ सामने पेश किया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन की सरकार के सामने माल्या के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया है और केंद्र पूरी गंभीरता से उसे वापस लाने के प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के सभी प्रयासों के बाद भी स्थिति पूर्ववत है और राजनीतिक कार्यपालिका के स्तर से लेकर प्रशासनिक स्तर पर हर बार यह मामला उठाया जा रहा है।

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पीठ ने विदेश मंत्रालय के इस अधिकारी का यह पत्र रिकॉर्ड पर लेने के बाद सुनवाई 15 मार्च के लिए स्थगित कर दी। विजय माल्या 2016 से ब्रिटेन में है। माल्या प्रत्यर्पण वारंट पर स्काटलैंड यार्ड पुलिस द्वारा किए अमल के बाद से 18 अप्रैलए 2017 से जमानत पर है।

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