SC ने सिंघु बॉर्डर खाली कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, याची को दिया ये सुझाव

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर कई किसान संगठन बीते नौ माह से दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हैं। किसान आंदोलन के चलते हरियाणा से दिल्ली को जोड़ने वाला सिंघु बॉर्डर भी बंद है। सिंघु बॉर्डर खाली कराने को लेकर एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुझाव दिया है कि वह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करें।

जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में सोनीपत के दो लोगों ने याचिका दायर कर कहा था कि सिंघु बार्डर सड़क कई महीनों से बंद है इसलिए सुप्रीम कोर्ट सरकार से सड़क खोलने का निर्देश दे या फिर दूसरी सड़क बनाने का आदेश जारी करे, ताकि लोगों का आवागमन आसानी से शुरू हो सके। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘हमारे लिए इस मामले में दखल देने की कोई वजह नहीं है। जब हाई कोर्ट मौजूद हैं और वे स्थानीय परिस्थितियों के बारे में पूरा जानकारी रखते हैं कि आखिर क्या हो रहा है। हमें उच्च न्यायालय पर भरोसा करना चाहिए।’

शीर्ष अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट आंदोलन के अधिकार और अन्य लोगों के हकों के बीच संतुलन की बात कर सकता है। सोनीपत के रहने वाले याचिकाकर्ता जयभगवान ने कहा था कि इस आंदोलन के चलते शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बंद है। याची की ओर से पेश वकील अभिमन्यु भंडारी ने कहा कि सिंघु ब़ॉर्डर सोनीपत के लोगों की आवाजाही के लिए अहम है और इस आंदोलन के चलते उनके मूवमेंट के अधिकार पर रोक लग रही है।

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