MLA को तमाचा जड़ चुकी महिला अधिकारी ने उठाया लड़कियों को ‘सिंघम’ बनाने का जिम्मा

असल मायनों में देश की बागडोर अफसरों के हाथों में होती है। अगर नौकरशाही चुस्त-दुरुस्त रहे तो किसी भी देश की सरकारी कार्यप्रणाली व देश में भ्रष्टाचार की आशंकाएं कम हो जाती हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण महिला आईपीएस सौम्या सांबशिवन हैं। इनकी दिलेरी के किस्से मिसाल के तौर पर सुनाएं जा रहें हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को 72 सालों बाद सौम्या सांबशिवन के रूप में पहली महिला एसपी मिली हैं।

साल 2010 बैच की आईपीएस अफसर सौम्या सांबशिवन को शिमला का नया एसपी बनाया गया। वह लड़कियों को एक ख़ास ‘स्प्रे’ करना सिखाती है, जिसके असर से मनचले करीब आधे घंटे तक आखें नही खोल सकते। मिर्च, रिफाइंड और नेल पेंट से बना यह स्प्रे मनचलों को सबक सिखाने के लिए काफी है।

जुलाई की शुरूआत में शिमला से सटे कोटखाई में गुड़िया गैंगरेप-मर्डर केस के बाद सरकार द्वारा कई पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया। उस दौरान सौम्या सांबशिवन को D.W. नेगी की जगह एसपी पद दिया गया।

दरअसल स्कूल, कॉलेज जाने वाली लड़कियों के साथ आये दिन छेड़खानी के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में इस ट्रेंनिंग से लड़कियों को काफी हद तक मदद मिलेगी।

बता दें बायो स्ट्रीम से ग्रेजुएट सौम्या ने एमबीए भी किया है। सौम्या लेखिका बनना चाहती थी। उन्होंने ने मल्टीनेशनल बैंक में नौकरी भी की है।

बताते चलें कि सौम्या सांबशिवन को एक दबंग कॉप के रूप में जाना जाता है। उनको हिमाचल प्रदेश की जिम्मेदारी ऐसे वक्त मिली, जब वहां कि कानून व्यवस्था गुड़िया गैंगरेप-मर्डर के कारण ध्वस्त हो चुकी है।

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इस लेडी सिंघम के बारे में कहा जाता है कि साल 2006  में एक प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एक विधायक को उनके खराब बर्ताव के चलते थप्पड़ जड़ते हुए हवालात की सैर भी करा दी थी।

सिरमौर में ड्रग्स, शराब और मानव तस्करी के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने का श्रेय भी इन्हीं को जाता है।

आईपीएस अफसर सौम्या ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की जिसके कारण हिमाचल प्रदेश में इनका नाम साभी की जुबान पर बना रहता है।

सौम्या एक निडर, निर्भीक और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हैं। इस बात का प्रमाण उनके द्वारा हासिल की गई उपलब्धियां हैं।

 

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