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ये हैं देश की लेडी सिंघम, इन्होंने CM को भी नहीं छोड़ा

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पिछले माह की 31 तारिख को UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2016 के नतीजे घोषित किए।

सोनिया अपनी 13 साल की नौकरी में कर्नाटक के कई बड़े शहरों में तैनात रहीं। इस दौरान वह जहां भी गईं, अपराधियों को भागने पर मजबूर कर दिया। साल 2006 में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और बीजेपी के 2 कद्दावर नेता आपस में भिड़ गए थे, तब IPS सोनिया ने बीजेपी के नेता रेनुकाचार्य को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया था।

इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं देश के सबसे चर्चित IPS अफसरों के बारे में। इस कड़ी में आज हम आपको बताएंगे दबंग IPS सोनिया नारंग के बारे  में।

हालांकि, बाद में यही नेता (रेनुकाचार्य) मंत्री भी बने थे। उस वक्त सोनिया देवनगिरि जिले की एसपी थीं। उन्हें कई बार सम्मान मिल चुका है। सोनिया कर्नाटक कैडर की 2002 बैच की कैडर थीं। सिलेक्ट होने के बाद उनका करियर 2004 में शुरू हुआ।

उस समय के तत्कालीन CM सिद्दारमैया ने IPS सोनिया का नाम 16 करोड़ के खदान घोटाले में लिया, तो राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया था। सीएम ने विधानसभा में घोटाले से जुड़े अधिकारियों के नाम उजागर किए थे। उनमें एक नाम सोनिया नारंग का भी था।  उन्होंने मुख्यमंत्री के आरोपों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और खुलकर विरोध किया। उन्होंने कहा, मेरी अंतरात्मा साफ है आप चाहें तो किसी भी तरह की जांच करा लें, मैं इस आरोप का न सिर्फ खंडन करती हूं बल्कि, इसका कानूनी तरीके से हर स्तर पर विरोध करूंगी।

फिलहाल वे बतौर SP के रूप में पोस्टेड हैं। इससे पहले वे सीआईडी में डीआईजी थीं। वह पंजाब यूनिवर्सिटी से सोशियोलॉजी में 1999 की गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उनको पहली पोस्टिंग कर्नाटक के गुलबर्ग में मिली थी। उनके पिता भी एक प्रशासनिक अफसर थे। सोनिया नारंग के पति गणेश नारंग भी बिहार कैडर के IPS हैं। अपने 13 साल के करियर में वो जहां भी रही दंबगई की तरह प्रशासनिक पद संभाला।

सोनिया ने उस वक्त मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने जब उनका नाम लिया था तो वहां के लोगों ने भी अपने अफसर पर आरोप लगाने के लिए सीएम का विरोध किया था।

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