पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी को लगा बड़ा झटका, 4 मंत्रियों ने शुरू की बगावत

कोलकाता: बिहार के बाद जल्द ही पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का ऐलान होने वाला है, इस बार भाजपा अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं, ऐसे में ममता बनर्जी के लिए ये राह आसान नही होने वाली। वहीं चुनाव से पहले ही टीएमसी को एक बड़ा झटका लगा है। हाल के दिनों में नंदीग्राम में पार्टी लाइन से अलग हटकर रैली करने वाले सांसद शुभेंदु अधिकारी ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। वहीं कल बिहार की जीत के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा बंगाल को लेकर दिए गए बयान के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीति पारा चढ़ने लगा है।

शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस के लोकप्रिय नेता और वह ममता सरकार में परिवहन मंत्री भी हैं। उन्‍होंने अपनी रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर भी नहीं लगाई गई। पोस्टर से ममता की तस्वीर गायब होने से राज्य की सियासत में हलचल तेज़ हो गई। बगावती सुर नज़र आने के बाद ममता सरकार ने शुभेंदु अधिकारी समेत करीबी तीन नेताओं की सुरक्षा हटा ली गई है।

आज कैबिनेट की बैठक में ममता सरकार के 4 मंत्रियों का नहीं आना इस तरफ इशारा कर रहे हैं कि क्या आने वाले समय में दूसरे नेता भी टीएमसी का साथ छोड़ेंगे। जिन तीन मंत्रियो का नाम लिया जा रहा है, उनमें रविंदर घोष की नाराजगी ममता से जगजाहिर है। लेकिन शुभेंदु अधिकारी, रजीब बनर्जी और गौतम देब का कैबिनेट मीटिंग में नहीं आना इस अफवाह को हवा देता है कि वह भी ममता का साथ छोड़ सकते हैं।

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हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी नेताओं को डर है कि अगर उन्‍होंने अभी से कोई कदम उठाया तो ममता सरकार इनको परेशान कर सकती है। ऐसे में सभी नेता अभी चुप्‍पी साधे हुए हैं और आने वाले समय में ही अपने पत्‍ते खोलेंगे।

वहीं BJP का दावा है कि 10 से ज्यादा मंत्री और 2 दर्जन से ज्यादा टीएमसी विधायक उनके संपर्क सम्पर्क में हैं, जो समय आने पर ममता पार्टी को छोड़ सकते हैं। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बहुत से लोग आने के लिए तैयार हैं, लेकिन हम क्वालिटी देखकर लेंगे लोगों।

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