मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का ट्वीट- कंगना हिमाचल की बेटी, नहीं सहेंगे अपमान

कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद गहरा होता जा रहा है। बृह्नमुंबई म्युनिसिपल कार्पोरेशन (BMC) ने कंगना रनौत के ऑफिस में जो तोड़फोड़ की है, उससे वह काफी नाराज हैं। कंगना की बहन रंगोली ने गुरुवार को ऑफिस जाकर वहां का जायजा लिया। बताया जा रहा है उन्होंने ऑफिस की कुछ तस्वीरें लीं और वीडियोज भी बनाए हैं। इसी बीच कंगना ने फिर से उद्धव सरकार के खिलाफ ट्वीट किया है।

हिमाचल के मुख्यमंत्री बोले- नहीं सहेंगे कंगना का अपमान

हिमाचल के मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि कंगना हि‍माचल की बेटी हैं। उनका अपमान सहन नहीं किया जाएगा।

कंगना के सपोर्ट में आया IMPPA प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन

कंगना के सपोर्ट में कई लोग आ चुके हैं और बीएमसी के ऐक्शन को गलत बताया है। अब IMPPA प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने कंगना का समर्थन क‍िया है। इससे पहले अनुपम खेर भी इसे गलत और अफसोसजनक बताया था।

कंगना के ऑफिस में बीएमसी ने 2 घंटे मचाया था उत्पात

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कंगना रनौत के ऑफिस में बुधवार को BMC ने करीब 2 घंटे तक जमकर तोड़फोड़ की। बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने केवल अवैध निर्माण हटाया है। जबकि कंगना का कहना है कि उनके ऑफिस में कुछ भी गलत तरीके से नहीं बना था। कंगना की अपील की सुनवाई कोर्ट में 3 बजे है। इसमें बीएमसी को साबित करना होगा कि उनका ऐक्शन सही था।

बीएमसी का दावा, गलत तरीके से किया रेनोवेशन ही तोड़ा

बीएमसी के अफसरों ने नोटिस देने के 2 दिन बाद कंगना के ऑफिस पर ऐक्शन ले लिया। नोटिस में बताया गया था कि कंगना का ऑफिस रेजिडेंशल बिल्डिंग है और उसमें नियमों के खिलाफ रेनोवेशन करवाया गया है। BMC का दावा है सिर्फ गलत तरह से बना हिस्सा ही तोड़ा गया है। वहीं कंगना रनौत ने बीएमसी के ऐक्शन के बाद कई ट्वीट्स किए थे। उनका कहना था कि ऑफिस का इंटीरियर भी तोड़ा गया। एक ट्वीट में कंगना ने लिखा था कि उनका ऑफिस 24 घंटे में अचानक अवैध हो गया और इसमें फर्निचर के साथ सबकुछ तोड़ डाला गया।

कोर्ट ने कहा, बीएमसी के ऐक्शन में दुर्भावना की बू

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कंगना के ऑफिस में किसी भी तरह की तोड़फोड़ करने पर BMC को रोक दिया है। हालांकि स्टे मिलने से पहले उनका काफी नुकसान हो चुका था। कोर्ट ने BMC के इस ऐक्शन को गलत बताया और कहा कि इससे दुर्भावना की बू आ रही है। कंगना के वकील ने भी स्टेटमेंट दिया था कि नोटिस देने के बाद मोहलत नहीं दी गई। कंगना ने 7 दिन की मोहलत मांगी थी। नोटिस उनके ऑफिस के बाहर चिपकाने के 2 दिन के भीतर ही ऐक्शन ले लिया गया।

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