मोदी सरकार के केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अनिल माधव दवे का हुआ निधन

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने दिल्ली स्थित AIMS हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने दवे के निधन पर दुख जताया है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में जन्में दवे 61 वर्ष के थे। वह एक कमर्शियल पायलट भी थे। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह की जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, मेरे दोस्त और एक बहुत ही सम्मानित सहयोगी के अचानक निधन से हैरान हूं। पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे जी को मेरी संवेदना। अनिल माधव दवे जी को जन सेवक के रूप में याद किया जाएगा। वह पर्यावरण के संरक्षण के प्रति बहुत ही जागरुक थे। मैं अनिल माधव डेव जी के साथ कल शाम देर तक प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर चर्चा कर रहा था। यह मौत व्यक्तिगत नुकसान है।

दवे का जन्म 6 जुलाई 1956 को उज्जैन के भदनगर में हुआ था। दवे शुरुआत से ही आरएसएस से जुड़े हुए थे और नर्मदा नदी बचाओ अभियान में काम कर रहे थे। पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने कई किताबें भी लिखीं। पर्यावरण मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था। वह 2009 में राज्यसभा सांसद चुने गए थे। उस समय उन्हें जल संरक्षण समिति का मेंबर बनाया गया था। 2010 में मार्च से जून माह तक दवे ग्लोबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज के संसदीय मंच के सदस्य भी थे।

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, आदरणीय श्री अनिल दवे के रूप में देश ने एक सच्चा देशभक्त और माँ नर्मदा का सपूत खो दिया है। इस क्षति की भरपाई कभी न हो सकेगी।

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