UP: बावनखंड़ी कांड की खलनायिका शबनम की फांसी रोकने की मांग, अयोध्या के संत ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार, बताईय ये वजह

अयोध्या। यूपी के अमरोहा के बावनखेड़ी गांव में प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही परिवार के सात लोगों को बेरहमी से हत्या करने वाली शबनम की फांसी रोकने की मांग शुरू हो गई है। यह मांग रामनगरी अयोध्या के तपस्‍वी छावनी के महंत परमहंस दास ने की है। महंत परमहंस दास ने राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद से अपील की है कि शबनम की फांसी की सजा माफ कर दी जाए। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में आज तक किसी महिला को फांसी नहीं दी गई है। महंत परमहंस दास ने कहा कि महिला को फांसी दिए जाने से देश को दुर्भाग्‍य और दैवीय आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।

महंत परमहंस दास ने कहा कि ‘हिंदू शास्‍त्रों में नारी का स्‍थान पुरुषों से ऊपर है। एक नारी को मृत्‍युदंड दिए जाने से समाज का कोई भला नहीं होगा। उल्‍टे इससे दुर्भाग्‍य और आपदाओं को न्‍यौता मिलेगा।’ महंत ने कहा कि यह सही है कि उसका अपराध माफ किए जाने योग्‍य नहीं है लेकिन उसे महिला होने के नाते माफ किया जाना चाहिए। महंत परमहंस दास ने कहा कि ‘हिंदू धर्मगुरु होने के नाते मैं राष्‍ट्रपति से अपील करता हूं कि माफी के लिए शबनम की याचिका को स्‍वीकार कर लें। अपने अपराध के लिए वह जेल में प्रायश्चित कर चुकी है। यदि उसे फांसी दी गई तो यह इतिहास का सबसे दुर्भाग्‍यपूर्ण अध्‍याय होगा। महंत ने कहा कि देश का संविधान राष्‍ट्रपति को असाधारण शक्तियां देता है। उन्‍हें इन शक्तियों का इस्‍तेमाल क्षमा देने में करना चाहिए।’

Gyan Dairy

ये है बावनखेड़ी कांड
माता-पिता समेत परिवार के सात लोगों की हत्या की सनसनीखेज वारदात अमरोहा के वाबनखेड़ी गांव में 14 अप्रैल 2008 को अंजाम दी गई थी। परिवार के मुखिया शौकत अली की बेटी शबनम ने ही अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने पूरे परिवार की हत्या करा दी थी। प्रभावी पैरवी के चलते इस जघन्य अपराध के लिए प्राइमरी शिक्षक शौकत अली की शिक्षा मित्र बेटी शबनम और उसके प्रेमी सलीम को को फांसी की सजा हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट से पुर्नविचार याचिका के साथ ही राष्ट्रपति ने शबनम की दया याचिका को भी खारिज कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने अभी शबनम के डेथ वारंट जारी नहीं किए हैं। अब रामपुर जिला कारागार में बंद शबनम को मथुरा जेल में बने महिला फांसीघर में फांसी पर लटकाने की तैयारी की जा रही है।

Share