अमेरिका: भारत के प्रति चीन के व्यवहार की निंदा का विधेयक बना कानून

वाशिंगटन। भारत के प्रति चीन के आक्रामक रुख को देखते हुए अमेरिकी कांग्रेस के अपनी एक द्विदलीय विधेयक में चीन की निंदा की है। यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है। सदन ने इस प्रस्ताव पर ट्रंप के वीटो को खारिज करते हुए सदन ने 740 अरब अमेरिकी डॉलर के रक्षा नीति विधेयक पर ट्रंप के वीटो को खारिज कर दिया। इस विधेयक में कई चीजों के साथ एलएसी पर चीन सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की निंदा भी शामिल है। शुक्रवार को एनडीएए द्वारा इसपर कानून बन गया। इसमें एक प्रस्ताव में चीन सरकार से अपील की गई है कि वे एलएसी पर भारत के प्रति सैन्य आक्रामक रुख को खत्म कर। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 दिसंबर को इस विधेयक पर वीटो इस्तेमाल किया था। भारतीय अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा नए साल के मौके पर सदन में वोटों के साथ संसद ने नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट का कानून लागू कर दिया है।

इसमें मेरे प्रस्ताव की कुछ बातें भी शामिल हैं जिसमें चीन से भारत के प्रति और हिंद.प्रशांत क्षेत्र में आक्रामक रुख खत्म करने के लिए कहा गया है। चीन और भारत के तनाव कि बीच पिछले साल मई से ही पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध जारी है। कृष्णमूर्ति ने कहा, एलएसी या कही भी भारत के प्रति चीन की सेना का हिंसक आक्रामक रुख स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। इस कानून के जरिए भारत और दुनिया के अन्य सहयोगियों को नव वर्ष में प्रवेश के साथ समर्थन और एकजुटता का स्पष्ट संदेश देती है। चीन द्वारा सीमा पर लगातार भारत के प्रति आक्रामक रुख अपनाने के कारण नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट में गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि, चीन को भारत के साथ मौजूदा राजनयिक तंत्रों के जरिए तनाव कम करने की दिशा में काम करना चाहिए और विवाद को बल पूर्वक निपटाने की कोशिश से बचना चाहिए।

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