उत्तराखंड हादसा: चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद उठा सैलाब अलकनंदा में हुआ शांत, जानें वजह

देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में कल यानी रविवार को नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूट जाने के कारण ऋषिगंगा घाटी में अचानक विकराल बाढ़ आ गई। ऋषिगंगा घाटी में आई जल प्रलय अलकनंदा नदी में पहुंचते-पहुंचते शांत हो गई। हालांकि एहतियातन तपोवन से लेकर हरिद्वार तक गंगा के मैदानी तटों को खाली करा लिया गया। ऋषिगंगा और धौली गंगा की संकरी और तेज ढलान वाली घाटी में उफानाता जलवेग अलकनंदा की अपेक्षाकृत ज्यादा चौड़ी तटों पर आकर शांत हो गई।

जानकारी के मुताबिक सुबह 11 बजे टूटे ग्लेशियर से पैदा हुई बाढ़ दोपहर बाद 2:30 बजे कर्णप्रयाग से होकर गुजरी। इस दौरान नदी का पानी, बरसाती बाढ़ की तरह मटमैला तो नजर आया लेकिन नदी के जल स्तर में एक मीटर की ही बढ़ोत्तरी देखने को मिली। फिर शाम 5:30 बजे बाढ़ का पानी रुद्रप्रयाग संगम से होकर गुजरा तो यहां भी हालात सामान्य ही रहे। इस दौरान रुद्रप्रयाग में नहीं का जल स्तर 80 सेमी ही बढ़ा। श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार, जैसे शहर शाम होते-होते आपदा के खौफ को पीछे छोड़ते हुए सामान्य जनजीवन पर लौट आए।

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चमोली जिले की चीन सीमा से जुड़े क्षेत्र में रविवार को एक ग्लेशियर के टूटन जाने से भारी तबाही मच गई। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अलावा एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना राहत और बचाव में जुटी हैं। बता दें कि अबतक 10 शव मिल चुके हैं जबकि 153 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं, 12 लोगों को कल रेस्क्यू कर लिया गया था।

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