कोरोना से जंग: अब रोज एक लाख लोगों की होगी जांच, सरकार ने की ये तैयारी

नई दिल्ली। केन्द्र की मोदी की सरकार ने कोरोना से जंग को अब तेज कर दिया है। सरकार ने अपना ध्यान अब आरटी-पीसीआर जांच पर कर दिया है। आने वाले दिनों में अमेरिका की मदद से भारत में हर दिन एक लाख कोरोना जांच संभव हो सकेगी। इसके लिए यूपी, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में स्वचालित आरएनए मशीनें खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अभी देश की 29 लैब में यह मशीन है जहां हर दिन सबसे ज्यादा जांच हो रही है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के जरिए यह सलाह दी है कि जांच को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक मशीनों की सख्त जरूरत है। अभी भारत की 280 सरकारी और 90 प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस की जांच चल रही है।

आईसीएमआर के अनुसार रैपिड जांच किट्स में समस्या मिलने के बाद अब सरकार का फोकस सीधे तौर पर आरटी-पीसीआर जांच पर है। यह जांच ही एकमात्र ऐसा विकल्प है जिसमें मरीज के पॉजिटिव होने अथवा नहीं होने की सटीक जानकारी मिल सकती है। इस जांच में कई तरह की मशीनें सहायक हैं जो इस वक्त भारत में मौजूद हैं। अमेरिका, कोरिया और जापान से मशीनें खरीदने के अलावा इनका भी प्रयोग किया जा सकता है।

अभी हो रहीं 20-25 हजार जाचें
आईसीएमआर के अनुसार भारत में इस समय प्रतिदिन 20 से 25 हजार सैंपल की जांच चल रही है। यह स्थिति तब है जब देश में 24 घंटे तीन शिफ्ट में सैंपल की जांच चल रही है। अत्याधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से प्रतिदिन भारत में 1 से 1.20 लाख सैंपल की जांच हो सकती है।

सरकार ने बनाया ये प्लान

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अभी देश में 42 क्यूआरटी-पीसीआर मशीनें मल्टीडिस्प्लेनरी यूनिट्स में मौजूद हैं। यह मशीनें मिलकर देश में हर दिन 10 हजार सैंपल्स की जांच कर सकती हैं।
नोएडा स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयोलॉजिकल्स और भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय चिकित्सीय अनुसंधान केंद्र में दो स्वचालित मशीन रोज 3 हजार नमूनों की जांच कर सकती हैं। ऐसी मशीनें और बढ़ाई जा सकती हैं।नाको के तहत एचआईवी जांच करने वाली स्वचालित दो तिहाई मशीनें आईसीएमआर में मौजूद हैं। इनका इस्तेमाल भी किया जा सकता है। 36 में से 114 जिलों में एनएएटी आधारित मशीनें हैं जो हर दिन 15 हजार तक नमूनों की जांच कर सकती हैं। टीबी की जांच करने वाली पीओसी एनएएटी मशीनें देश के 725 जिलों में से 100 बीएसएल-2 लैब में मौजूद हैं।

 

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