हमने पड़ोसियों को दी कोरोना वैक्सीन, पाकिस्तान के पास खरीदने के पैसे भी नहीं

नई दिल्ली। भारत सरकार ने कई पड़ोसी देशों को फ्री में कोरोना वैक्सीन की पहले खेप पहुंचा दी है। लेकिन हमारा एक बदनाम पड़ोसी ऐसा भी है जिसे अपनी करतूतों की वजह से कोरोना वैक्सीन नहीं नसीब हुई। पैसों की तंगहाली के चलते पाकिस्तान सरकार वैक्सीन खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। पाकिस्तान ने भारत में बनीं कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड को मंजूरी तो दे दी है लेकिन वह इस वैक्सीन को खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। पाकिस्तान की कई दवा कम्पनियों ने सीरम इंस्टीट्यूट से सम्पर्क किया लेकिन वैक्सीन की कीमत सुनकर उनकी हिम्मत साथ नहीं दे रही है।

निजी आयातकों ने पाकिस्तान सरकार को बताया है कि ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से तैयार वैक्सीन के प्रति डोज की कीमत 6 से 7 डॉलर होगी। पाकिस्तान की करेंसी के हिसाब से प्रति डोज करीब 1000 रुपए की कीमत होगी। जबकि भारत सरकार को यही वैक्सीन करीब 200 रुपए प्रति डोज मिली है, जबकि सीरम इंस्टीट्यूट की ओर से बाजार में इसकी कीमत करीब 1000 रुपए रखने की बात कही गई है।

पाकिस्तान में वैक्सीन और दवाओं के सबसे बड़े आयातकों में से एक सिंध मेडिकल स्टोर के उस्मान घनी ने कहा चूंकि सरकार ने ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका के टीके को मंजूरी दी है और हमें आयात की स्वीकृति दी है। हमने आंका है कि सरकार को इसकी कीमत करीब 6 से 7 डॉलर पड़ेगी। प्रस्ताव को केंद्र और प्रांतीय सरकारों के सामने साफ कर दिया गया है लेकिन यह कहना मुश्किल है कि वैक्सीन कब उपलब्ध होगी। अभी हमें इसके बारे में ठीक.ठीक नहीं पता।

सिंध मेडिकल स्टोर के प्रतिनिधि ने पाकिस्तान के प्रतिष्ठित डॉन को बताया कि पाकिस्तानी नियामक ने वैक्सीन को मंजूरी तो दे दी है लेकिन उन्हें अभी तक दस्तावेजी मंजूरी नहीं उपलब्ध कराई गई है जिसकी वजह से कीमत पूरी तरह निर्धारित नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन का निर्माण भारत में हो रहा है इसलिए पहले उसे टीके मिलेंगे और इसबीच या इसके बाद इसे कोवाक्स को दिया जाएगा। हालांकि पड़ोसी देश नेपाल, भूटान और बांग्लादेश जैसे देशों ने वैक्सीन के लिए अग्रिम भुगतान कर दिया है।

Gyan Dairy

भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दुनियाभर के टीकों की कीमतों की जानकारी देते हुए बताया था कि भारत में सिनोफार्मा वैक्सीन की कीमत 5600 रुपए से अधिक बैठेगी। पाकिस्तान की इमरान सरकार ने कहा है कि वह मार्च तक 10 लाख टीके खरीदने को प्रतिबद्ध है और करीब 70 फीसदी आबादी का टीकाकरण करना चाहती है। हालांकिए इसमें कितना समय लगेगा। पैसे कहां से आएंगे जैसे सवालों के जवाब तो शायद इमरान खान भी नहीं जानते हैं।

सिंध मेडिकल स्टोर के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने केंद्र और प्रांतीय सरकारों को बताया है कि यदि बड़ी मात्रा में खरीद की जाती है तो 6.7 डॉलर प्रति डोज कीमत पर टीका उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा यदि करीब 5 करोड़ डोज की खरीदारी की जाती है तो इतनी कीमत देनी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्राइवेट सेक्टर और संस्थाओं की ओर से यदि 10 हजार से अधिक डोज का ऑर्डर दिया जाता है तो यह 2 हजार रुपए से 2500 रुपए प्रति डोज के हिसाब से मिलेगा।

 

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