पश्चिम बंगाल: पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को केन्द्र ने जारी किया नोटिस, 3 दिन में देना होगा जवाब

नई दिल्ली। पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को लेकर केन्द्र व पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तल्खी बढ़ती ही जा रही है। सीएम ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार बने अलपन बंदोपाध्याय को केन्द्र सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। गृह मंत्रालय ने सोमवार को सेवानिवृत्त हुए आईएएस अधिकारी अलपन बंद्योपाध्याय को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया है। नोटिस का तीन दिनों में जवाब न देने पर उनके खिलाफ एफआईआर भी की जा सकती है।

केन्द्रीय “डीओपीटी (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) के आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारी के खिलाफ विभाग द्वारा उपयुक्त कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।” पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंदोपाध्याय को अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल नहीं होने को लेकर मंगलवार को यह कहते हुए नया विवाद छेड़ दिया कि लोक सेवा पर अहंकार हावी हो गया है। राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राज्यपाल के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री 24 घंटे जनसेवा में लगी हैं और राज्य के हितों को लेकर अपनी चिंता के मद्देनजर हर कदम उठाती हैं।

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पश्चिम बंगाल काडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी बंदोपाध्याय 60 वर्ष के होने पर सोमवार को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन केंद्र ने मौजूदा कोविड-19 महामारी के प्रबंधन में उनके काम को देखते हुए उन्हें पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव के रूप में तीन महीने का कार्य विस्तार दिया था। इस मामले पर सोमवार को सीएम ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और अलपन बंदोपाध्याय को सेवानिवृत्त होने की अनुमति देने के बाद उन्हें तीन साल के लिए अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया।

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