क्‍या आप जानते हैं, क्‍यों फटते हैं बादल, जानें 5 बातें

पिथौरागढ़ के मालपा में बादल फटने की घटना के चलते चार लोगों की मौत हो गई है और सात लोग लापता हैं. मालपा में शिव मंदिर के पास यह घटना घटी. इसके चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा रोक दी गई है. इस पृष्‍ठभूमि में बादल फटने की घटना पर डालते हैं एक नजर.

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  • इस घटना की कोई तयशुदा वैज्ञानिक परिभाषा नहीं है लेकिन आम बोलचाल की भाषा में जब बहुत थोड़े वक्‍त में बहुत ज्‍यादा बारिश होती है तो उसको बादल फटना कहते हैं.
  • बादल फटना प्रकृति की ऐसी घटना है जिसमें अत्यधिक बारिश कुछ ही देर में हो जाती है. इस दौरान बिजली भी कड़कती है और ओले भी गिर सकते हैं.
  • ये घटना खासकर घाटी और पहाड़ी इलाकों में घटती है. इसके तहत किसी इलाके के ऊपर काफी घनेदार बादल एकत्र हो जाएं या कई बार फौरी तौर पर किसी इलाके में जब अलग-अलग स्‍तरों पर बादलों की कई परतें मिलकर एक घनी मोटी चादर बनाती हैं तो यह घटना घटती है.
  • यह घटना छोटे इलाके में घटती है. इसमें कुछ ही मिनटों के भीतर दो सेमी तक बारिश हो सकती है और यदि यह रफ्तार दो घंटे तक जारी रही तो 20 सेमी तक बारिश हो सकती है.
  • बादलों की अत्‍यधिक ऊंचाई होने की वजह से ओले भी गिर सकते हैं. साथ में बादलों में अलग-अलग चार्ज होने की वजह से बिजली भी जोरदार तरीके से कड़कती है.
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